रायपुर। राजधानी रायपुर और दुर्ग को जोड़ने वाला खारुन नदी का पुराना ब्रिज अब एक बार फिर पूरी तरह तैयार है। मरम्मत का काम जहां 30 दिनों में पूरा होना था, वहीं इसे रिकॉर्ड 16 दिनों में ही खत्म कर लिया गया। शुक्रवार सुबह से इस पुल पर वाहनों की आवाजाही फिर शुरू कर दी गई है, जिससे लाखों लोगों को राहत मिलेगी। हर दिन करीब डेढ़ लाख वाहन इस ब्रिज से गुजरते हैं, इसलिए काम के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती थी। इसे संभालने के लिए दुर्ग और रायपुर पुलिस ने मिलकर बेहतरीन समन्वय दिखाया। 80 से अधिक ट्रैफिक जवान सुबह-शाम अलग-अलग पॉइंट्स पर तैनात रहे, जिससे यातायात सुचारु बना रहा।
मरम्मत कार्य 1 अप्रैल से शुरू हुआ था, जबकि 31 मार्च की रात से भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई थी। छोटे वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया गया और नए पुल से दोनों तरफ का ट्रैफिक चलाया गया। टाटीबंध, रायपुरा और सिलतरा बायपास जैसे प्रमुख स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई। काम की प्रगति पर लगातार नजर रखते हुए अधिकारियों ने नियमित निरीक्षण किया। गुरुवार शाम को ब्रिज का ट्रायल सफल रहा, जिसके बाद इसे आम लोगों के लिए खोलने का फैसला लिया गया। अब ब्रिज खुलने से न सिर्फ ट्रैफिक का दबाव कम होगा, बल्कि रोजाना सफर करने वालों का समय भी बचेगा।
