राजधानी में ‘रेड रूम’ रेव पार्टी का शोर: नाबालिगों के जरिए अश्लील प्रमोशन और नशे के खेल की आशंका, पुलिस अलर्ट

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की शांत फिजाओं में एक बार फिर ‘रेव पार्टी’ और पश्चिमी विकृति का जहर घोलने की कोशिश की जा रही है। राजधानी रायपुर के ‘फर्जी कैफे’ में शुक्रवार शाम 6 बजे से आयोजित होने वाली ‘रेड रूम टेक्नो पार्टी’ ने अपने विवादित प्रमोशन के कारण शहर में हड़कंप मचा दिया है। सोशल मीडिया पर इस पार्टी के जो वीडियो वायरल हो रहे हैं, उनमें न केवल अश्लीलता का पुट है, बल्कि सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि, प्रचार के लिए नाबालिग लड़कियों का इस्तेमाल किया गया है। इन वीडियो के जरिए युवाओं को आकर्षित करने के लिए नशीले और कामुक अंदाज का सहारा लिया जा रहा है, जो सामाजिक मर्यादाओं की सरेआम धज्जियां उड़ा रहा है।

सूत्रों का दावा है कि, इस हाई-प्रोफाइल पार्टी की आड़ में प्रतिबंधित नशीले पदार्थ परोसे जाने की पूरी तैयारी है। पार्टी का ग्लैमर और इसकी महंगी टिकटें भी चर्चा का विषय बनी हुई हैं। आयोजन के लिए 8 हजार से लेकर 40 हजार रुपये तक की भारी-भरकम बुकिंग फीस वसूली जा रही है। इतना ही नहीं, पार्टी में आने वाले कलाकारों से अलग से मिलने के लिए भी मोटी रकम ली जा रही है। इतनी बड़ी राशि और ‘रेड रूम’ जैसे संदिग्ध नाम ने सुरक्षा एजेंसियों और सामाजिक संगठनों के कान खड़े कर दिए हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि, रिहायशी और कमर्शियल इलाकों के बीच ऐसे आयोजनों को अनुमति आखिर किसने और किन शर्तों पर दी?

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों और सामाजिक संस्थाओं ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। वहीं, रायपुर पुलिस अब एक्शन मोड में नजर आ रही है। एसीपी रमाकांत साहू ने स्पष्ट किया है कि, पुलिस के पास फिलहाल इस तरह के किसी विशेष आयोजन की आधिकारिक सूचना नहीं पहुंची है, लेकिन वायरल वीडियो और शिकायतों को संज्ञान में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि शहर की संस्कृति को बिगाड़ने वाले किसी भी अश्लील या अवैध आयोजन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो ‘फर्जी कैफे’ और आयोजकों पर सख्त कानूनी गाज गिरेगी। फिलहाल, पुलिस की साइबर सेल और स्थानीय टीम इस ‘रेड रूम’ मिस्ट्री की तह तक जाने में जुट गई है।