नई दिल्ली। ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे जनरल और स्लीपर श्रेणी के यात्रियों पर फोकस बढ़ा रहा है। रेलवे ने संसद में बताया, लंबी दूरी की ट्रेनों में जनरल कोचों की संख्या बढ़ाई जा रही है। साथ ही कम और मध्यम आय वर्ग के यात्रियों के लिए 17 हजार नए नॉन एसी कोच तैयार किए जा रहे हैं। साथ ही अमृत भारत ट्रेनों का भी विस्तार किया जा रहा है।
रेलवे के मुताबिक, साल भर ट्रेनों में यात्रियों की संख्या एक जैसी नहीं रहती है। छुट्टियों और त्योहारी सीजन में लोकप्रिय रूटों पर ट्रेनों में पूरी क्षमता तक भीड़ रहती है। इसे देखते हुए पिछले दो वर्षों में लंबी दूरी की कई ट्रेनों में स्थायी रूप से अतिरिक्त जनरल कोच जोड़े गए हैं। वर्ष 2024-25 में 1,250 जनरल कोच विभिन्न लंबी दूरी की ट्रेनों में लगाए गए, ताकि हर ट्रेन में कम से कम चार जनरल कोच उपलब्ध हों। वर्ष 2025-26 में 870 अतिरिक्त कोच ट्रेनों में लगाए गए है। इनमें 160 जनरल कोच शामिल हैं। वहीं 2026-27 में 30 जून तक 190 और कोच बढ़ाए गए हैं, जिनमें 20 जनरल कोच हैं। रेलवे का कहना है कि इन प्रयासों का उद्देश्य आम यात्रियों को बेहतर सुविधा और अधिक सीट उपलब्ध कराना है। रेलवे के करीब 89 हजार कोचों में करीब 70 फीसदी नॉन एसी और 30 फीसदी एसी कोच है।
मौजूदा नीति के तहत 22 कोच वाली मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में 12 जनरल-नॉन एसी स्लीपर कोच और 8 एसी कोच रखे जा रहे है। ताकि ज्यादा यात्रियों को सस्ती यात्रा का विकल्प मिल सके। इसके अलावा अनारक्षित यात्रियों के लिए पैसेंजर, मेमू और ईएमयू सेवाएं भी चलाई जा रही है। रेलवे के अनुसार, निम्न-मध्यम आय वर्ग के यात्रियों के लिए शुरू की गई अमृत भारत ट्रेन पूरी तरह नॉन एसी है। इसकी मौजूदा रेक में 11 जनरल, 8 स्लीपर, एक पैंट्री कार और दो लगेज सह दिव्यांग कोच है। इन ट्रेनों में वदे भारत स्लीपर की तर्ज पर अत्याधुनिक सुविधाएं दी गई है।
रेलवे ने डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने के साथ ऑनलाइन टिकट बुकिंग में फर्जीवाड़े पर भी सख्ती बढ़ाई है। रेल वन ऐप को अब तक 4.55 करोड़ से ज्यादा डाउनलोड किया जा चुका है। ऐप के जरिए रोजाना औसतन 9.65 लाख टिकट बुक किए जा रहे हैं। जून 2025 से जून 2026 के बीच रेलवे में कुल 65.08 करोड़ आरक्षित टिकट बुक हुए। इनमें 89 प्रतिशत टिकट ऑनलाइन और 11 प्रतिशत टिकट काउंटर से बुक किए गए।
कवच सिस्टम का हो रहा विस्तार
रेलवे ने जानकारी दी, सुरक्षा बढ़ाने के लिए रोलिंग स्टॉक और मेंटेनेंस सिस्टम को आधुनिक बनाया गया है। 2014-26 के दौरान एलएचबी कोचों का उत्पादन बढ़कर 49,366 हो गया है। रेलवे का स्वदेशी सुरक्षा सिस्टम कवच 4.0 दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा जैसे व्यस्त रेल मार्गों के 2,490 रूट किलोमीटर पर सफलतापूर्वक लगाया जा चुका है। कवच सिस्टम का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। इसे 21,937 रूट किलोमीटर पर लगाने का काम जारी है। इसके अलावा 7,435 लोकोमोटिव और 1,200 ईएमयू/एमईएमयू ट्रेनों में भी कवच लगाने की प्रक्रिया चल रही है। रेलवे के अनुसार, 2014 से जून 2026 तक 5.56 लाख से अधिक भर्तियां पूरी की जा चुकी हैं। खाली पदों को भरने के लिए वार्षिक भर्ती कैलेंडर के तहत प्रक्रिया जारी है। 2024, 2025 और 2026 के भर्ती कैलेंडर के तहत 1.61 लाख से अधिक पदों पर भर्ती की जा रही है।
99.6 फीसदी ब्रॉड गेज नेटवर्क हुआ इलेक्ट्रिफाइड
रेलवे ने बताया, देश के 99.6 फीसदी ब्रॉड गेज नेटवर्क का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है। भारत रेलवे विद्युतीकरण के मामले में दुनिया में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। इस सूची में स्विट्जरलैंड पहले स्थान पर है। 2015-16 में 293 करोड़ लीटर डीजल की खपत होती थी, जो घटकर 2024-25 में 108 करोड़ लीटर रह गई है। हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए रेलवे में 1,260 मेगावाट से अधिक सौर और पवन ऊर्जा क्षमता शुरू की जा चुकी है।
