0 मक्सी का ENC बनने का सपना सपना ही रहेगा या उपकृत होंगे
0 तीन पदों में रहकर अवैध रूप से दोहन भी कर रहे हैं यानी तीन पदों में एक साथ कार्य कर रहे
0 मक्सी कुजूर को ईएनसी की नियुक्त करने पर शासन और विभाग को बदनामी सामना करना पड़ेगा
0 रिश्वत मामले में मक्सी कुजूर को पाँच साल की कड़ी कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी अपील पर बरी हुए थे लेकिन
0 शिकायतकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी याचिका लगाई है जिसकी सुनवाई के बाद फैसला आना बाकी है
रायपुर (जसेरि)। जल संसाधन विभाग के ईएनसी सजा या ता को बनाया जा सकता है वर्तमान ईएनसी शंकर ठाकुर आज रिटायर्ड हो रहे है विभाग में वरिष्ठ क्रम के अनुसार इस पद के लिए एक मात्र चीफ इंजीनियर मक्सी कुजूर आपने आप से आगे चल रहे है। हालांकि वे तीन पदों को अवैध रूप से दोहन भी कर रहे हैं यानी की तीन पदों में एक साथ कार्य कर रहे है। मक्सी को ACB महीने जेल में भी रहे। 2023 में हाईकोर्ट ने अपील स्वीकार की और आरोपों से बरी हुए। रिश्वत मामले में बड़ी मुश्किल से बचे है लेकिन इनकी मुसीबत कम नहीं हो रही है। प्रार्थी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर हाईकोर्ट के फैसलों को रद्द करने की माँग की है। अगर फ़ैसला याचिका पक्ष में आता है और याचिका सुनवाई में हाईकोर्ट के फैसलों को रद्द किया जाता है एवं सजा पाँच वर्ष की बरकरार रखी जाती है तब श्वहृष्ट जेसे बड़े पद में बैठे अधिकारी को जेल जाना पड़े शासन की और विभाग की बड़ी बदनाम होंगी और विभाग को बदनामी सामना करना पड़ेगा। भ्रष्ट अधिकारी को इस तरीक़े से तीन-तीन पदों में पदोन्नति देकर भाजपा शासन की जीरो टोरलेस नीति पर सवाल उठ खड़े होंगे। भाजपा शासन में ऊपर नीचे तक इस भ्रष्ट अधिकारी के काले कारनामों की चिट्ठी खुल चुकी है अब मक्सी का श्वहृष्ट बनने की सपना सपना ही रह जाएगा । सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई होने की खबर आ रही है।
1)विशेष कर्तव्य अधिकारी मंत्रालय 2) मु य अभियंता महानदी परियोजना जल संसाधन विभाग रायपुर 3) अतिरिक्त प्रभार मु य अभियंता महानदी गोदावरी कछार, जल संसाधन विभाग रायपुर पाँच साल की कड़ी कठोर कारावास की सजा के विरुद्ध याचिका करता ने सुप्रीम कोर्ट में SC याचिका लगा रखी है जिसका सुप्रीम कोर्ट में याचिका क्रमांक 38024/2026 में है और कभी भी सुनवाई में हाईकोर्ट फैसला बदला जा सकता है।
क्या है मामला… मक्सी कुजूर को जब एंटी करप्शन, ब्यूरो ने रंगे हाथ पकड़ा था 30/12/ 2014 उस समय पर जल संसाधन विभाग के राजनांदगाँव के कार्यकाल अभियंता थे एंटी करप्शन ब्यूरो ने ट्रैप करके गिर ़तार किया था । विशेष न्यायालय 26/06/2018 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 धारा 7 तथा धारा 13 (1)(D) सहपठित धारा 13 (2) के अंतर्गत दोषी ठहराते 5 – 5 वर्ष की सश्रम कारावास एवं ज़ुर्माने की सजा सुनाई थी, जिसके बाद से प्रार्थी ने उच्च न्यायलय में अपील करने पर बरी हुआ था, उच्च न्यायलय के फैसले के खिलाफ विरोधी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका लगाई हाईकोर्ट के फैसले को रद्द करने के लिए। सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर फैसला आने पर मक्सी कुजूर जेल में पांच वर्ष की सजा में जितने समय जेल में रहे उसको काटकर बची की हुई सजा को पूर्ण करना होगा। सरकार को चाहिए कि एैसे भ्रष्ट अधिकारियों की सेवा कार्यों की समीक्षा करे फिर निर्णय लें।
