माना कैंप की चौथी वाहिनी में सामने आया मामला
आरक्षक के साथ मां के बैंक खाते में भी जमा कराई गई राशि
रायपुर। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में पुलिस विभाग की वेतन शाखा में करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आने के बाद अब राजधानी रायपुर में भी ऐसा ही प्रकरण उजागर हुआ है। छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की चौथी वाहिनी, माना कैंप में पदस्थ आरक्षक कमलेश कुमार साहू पर करीब 1 करोड़ 18 लाख 30 हजार 739 रुपये के गबन का आरोप लगा है। विभागीय जांच में वेतन पर्चियों में हेरफेर कर पात्रता से अधिक राशि निकालने का खुलासा होने के बाद माना कैंप थाने में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
प्रारंभिक जांच के मुताबिक, कथित वित्तीय अनियमितता नवंबर 2012 से अप्रैल 2017 के बीच की है। आरोप है कि आरक्षक ने वेतन शाखा से जुड़े कार्यों के दौरान वेतन पर्चियों में बदलाव कर प्रतिनियुक्ति भत्ता और विशेष राशन भत्ते के नाम पर निर्धारित पात्रता से अधिक राशि का आहरण किया। जांच रिपोर्ट में कुल 1,18,30,739 रुपये की अतिरिक्त निकासी का उल्लेख है।
जांच में यह भी सामने आया है कि कथित रूप से निकाली गई रकम आरक्षक के दो बैंक खातों के अलावा उसकी मां विसाहिन साहू के बैंक खाते में भी जमा कराई गई थी। विभागीय जांच अधिकारी ने 31 अक्टूबर 2026 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। इसके बाद चौथी वाहिनी के सेनानी के निर्देश पर वेतन शाखा प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक अरुण खलखो ने माना कैंप थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने 4 नवंबर 2026 को आरक्षक कमलेश कुमार साहू के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस बैंक खातों के लेन-देन, वेतन भुगतान से जुड़े दस्तावेजों और कथित रूप से निकाली गई राशि के इस्तेमाल की जांच कर रही है।
