रायपुर। दीपावली से पहले पटाखों की बिक्री को लेकर जिला प्रशासन ने लाइसेंस प्रक्रिया में सख्ती बढ़ा दी है। इस बार स्थायी दुकान और अस्थायी स्टॉल लगाने वाले सभी कारोबारियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। बिना वैध लाइसेंस पटाखे बेचते पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। नई व्यवस्था के तहत आवेदन के साथ आधार कार्ड सहित जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन जमा करने होंगे। इस बार लाइसेंस जारी करने से पहले पुलिस वेरिफिकेशन भी अनिवार्य किया गया है। आवेदकों के दस्तावेजों की जांच के साथ उनके आपराधिक रिकॉर्ड की पड़ताल की जाएगी। यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होने या अवैध पटाखा बिक्री में शामिल होने की जानकारी मिलती है, तो उसका आवेदन निरस्त किया जा सकता है। प्रशासन के अनुसार, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घनी बस्तियों जैसे संवेदनशील स्थानों पर पटाखा दुकान लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 100 से अधिक ऑनलाइन आवेदन मिल चुके हैं। इनमें स्थायी लाइसेंस के लिए केवल 14 आवेदन आए हैं। फिलहाल दस्तावेजों की जांच और पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन का कहना है कि पिछले वर्षों में बिना अनुमति रिहायशी इलाकों में पटाखों की बिक्री से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था। इस बार नियमों के पालन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पटाखा दुकान के अस्थायी लाइसेंस के लिए 600 रुपये और स्थायी लाइसेंस के लिए 1,800 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। दस्तावेजों की प्रक्रिया और केवल ग्रीन व लाइसेंस प्राप्त पटाखों की बिक्री संबंधी शर्तों के चलते आवेदन की संख्या प्रभावित होने की बात कही जा रही है। हर साल दीपावली के दौरान शहर की गलियों और वार्डों में पटाखों की दुकानें लगती हैं। ऐसे में इस बार रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था के तहत नियमों का कितना सख्ती से पालन कराया जाता है, इस पर नजर रहेगी।
