कोंडागांव। साइबर अपराधों से बचाव और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कोण्डागांव पुलिस द्वारा साइबर जागृति अभियान के तहत जिला स्तरीय अधिकारियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, एसडीएम, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा ने ऑनलाइन ठगी के बदलते तरीकों, फर्जी फोन कॉल, संदिग्ध लिंक, मोबाइल एप, सोशल मीडिया फ्रॉड और बैंकिंग से जुड़े साइबर अपराधों के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों को विशेष रूप से ओटीपी, पासवर्ड और अन्य गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी गई।
ऑपरेशन सिंदूर में स्कार्दू एयरबेस पर कार्रवाई की थी तैयारी, मौसम बिगड़ने से बदला मिशन
जागरूकता कार्यक्रम को रोचक बनाने के लिए साइबर सुरक्षा पर क्विक क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें बेहतर प्रदर्शन करते हुए कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना ने पहला स्थान हासिल किया। अन्य अधिकारियों ने भी प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन किया, जिन्हें सम्मानित और पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के बाद कलेक्टर ने साइबर जागृति अभियान के क्यूआर कोड को स्कैन कर सेल्फी ली और सभी अधिकारी-कर्मचारियों से डिजिटल लेन-देन एवं ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सतर्क रहने की अपील की।
इसी क्रम में भारतीय स्टेट बैंक की कलेक्ट्रेट शाखा में भी साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों को फर्जी बैंक कॉल, केवाईसी के नाम पर ठगी, संदिग्ध लिंक, डिजिटल अरेस्ट, सोशल मीडिया और ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड से बचाव के तरीके बताए गए। पुलिस अधीक्षक ने बैंक कर्मचारियों से खुद सतर्क रहने के साथ ग्राहकों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की। पुलिस ने बताया कि सरकारी कार्यालयों, बैंकों, स्कूल-कॉलेजों और अन्य संस्थानों में साइबर जागरूकता अभियान लगातार जारी रहेगा।
कोण्डागांव पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि या ठगी की स्थिति में तुरंत सतर्क होकर संबंधित माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं।
