नाम बदलना हुआ आसान: अब घर बैठे ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल से होगा काम, दलालों के चंगुल से मिली आजादी

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दुर्ग। अब नाम बदलने की जटिल प्रक्रिया के लिए दलालों के चक्कर काटने और समय बर्बाद करने की जरूरत नहीं होगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए इस पूरी प्रक्रिया को ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के जरिए ऑनलाइन कर दिया है। अब आवेदक लोक सेवा केंद्रों या सामान्य सेवा केंद्रों (CSC) के माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकते हैं। इस सेवा की सबसे खास बात यह है कि पूरे गजट प्रकाशन की प्रक्रिया के लिए 29 दिनों की समय-सीमा निर्धारित कर दी गई है, जिससे अब काम में देरी की गुंजाइश खत्म हो गई है।

इस प्रक्रिया के लिए आवेदक को 430 का भारतीय स्टेट बैंक का मूल चालान, स्थानीय समाचार पत्र में प्रकाशित नाम परिवर्तन की सूचना (जो 3 माह से अधिक पुरानी न हो) और 50 के नॉन-जुडिशियल स्टाम्प पेपर पर नोटरीकृत शपथ पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज अपलोड करने होंगे। आवेदन जमा होते ही आवेदक को एक एआरएन (ARN) नंबर मिलेगा, जिसके जरिए वह अपने आवेदन की स्थिति ट्रैक कर सकेगा। यह आवेदन ऑनलाइन ही तहसीलदार से होते हुए एसडीएम और अंत में शासकीय मुद्रणालय पोर्टल तक पहुंचेगा।

प्रशासन ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर समय तय किया है। तहसीलदार और एसडीएम को 7-7 कार्य दिवस के भीतर अपनी जांच पूरी करनी होगी, जबकि शासकीय मुद्रणालय को 15 दिनों के भीतर राजपत्र में प्रकाशन की कार्यवाही सुनिश्चित करनी होगी। एक बार राजपत्र में नाम प्रकाशित हो जाने के बाद, इसकी सॉफ्ट कॉपी सीधे आवेदक के पोर्टल पर अपलोड कर दी जाएगी, जिसे छत्तीसगढ़ शासन की वेबसाइट से कहीं भी डाउनलोड किया जा सकेगा। इस नई व्यवस्था से न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी, बल्कि लोगों का कीमती समय और पैसा भी बचेगा।