प्लांट के लिए ‘फर्जी’ एनओसी पर सियासी घमासान: भूपेश बघेल के आरोपों पर मंत्री टंकराम का पलटवार- “गांव वाले चाहेंगे तभी लगेगा उद्योग”

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रायपुर। बलौदाबाजार के ग्राम अलदा में प्रस्तावित स्पंज आयरन प्लांट को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा लगाए गए ‘फर्जी एनओसी’ (NOC) के आरोपों पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कड़ा पलटवार किया है। मंत्री वर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि, लोकतंत्र में पंचायत और ग्रामीणों की सहमति सर्वोपरि है। यदि गांव वाले चाहते हैं तो एनओसी दें, और यदि नहीं चाहते तो न दें; उन पर कोई दबाव नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि, भूपेश बघेल एक वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें उद्योग स्थापना के नियमों और शर्तों की भलीभांति जानकारी है। अगर कहीं कोई गड़बड़ी हुई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी, लेकिन किसी भी सूरत में ग्रामीणों की इच्छा के विरुद्ध काम नहीं होगा।

गौरतलब है कि, एक दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने देवरी और अलदा के किसानों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सनसनीखेज आरोप लगाया था कि, प्लांट के लिए जाली दस्तावेजों और फर्जी एनओसी का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने स्थानीय विधायक और मंत्री टंकराम वर्मा की भूमिका पर भी सवाल उठाए थे। इन आरोपों को खारिज करते हुए मंत्री ने गेंद वापस पंचायत के पाले में डाल दी है। इसी बीच, प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की किल्लत और पंपों पर लग रही लंबी कतारों को लेकर भी मंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे एक वैश्विक संकट करार देते हुए जनता से अपील की कि, वे ईंधन का सीमित उपयोग करें और आवश्यकता पड़ने पर निजी वाहनों के बजाय बस जैसे सार्वजनिक परिवहन का सहारा लें। इस बयान के बाद अब प्लांट और ईंधन संकट, दोनों ही मुद्दों पर प्रदेश की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं।