मुजफ्फरपुर का लाल ब्रिटेन का AI मंत्री: जानिए कनिष्क नारायण की सफलता की प्रेरणादायक कहानी

Follow Us

नई दिल्ली। यूनाइटेड किंगडम (UK) की राजनीति में एक ऐतिहासिक और गौरवान्वित करने वाला क्षण आया है, जहाँ भारतीय मूल के युवा सांसद कनिष्क नारायण को देश का पहला कैबिनेट-लेवल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मंत्री नियुक्त किया गया है। यह पहली बार है जब ब्रिटेन में ‘AI पोर्टफोलियो’ को आधिकारिक रूप से कैबिनेट का दर्जा दिया गया है। मूलरूप से बिहार के मुजफ्फरपुर में जन्मे और पले-बढ़े कनिष्क नारायण अब सरकार में हुए बड़े फेरबदल के तहत यूके की पूरी AI स्ट्रैटेजी और तकनीकी भविष्य की कमान संभालेंगे।

Google DeepMind के CEO के साथ हुई पहली बैठक
पद संभालने के तुरंत बाद ही कनिष्क नारायण एक्शन मोड में नजर आए। AI मंत्री के तौर पर उनकी पहली आधिकारिक उच्च-स्तरीय बैठक ‘Google DeepMind’ के CEO डेमिस हसाबिस के साथ हुई। इस मुलाकात पर प्रतिक्रिया देते हुए डेमिस हसाबिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर कनिष्क को बधाई दी और इस नियुक्ति को यूके के AI इकोसिस्टम के लिए एक बेहतरीन कदम बताया। इसके बाद कनिष्क नारायण ने स्पष्ट किया कि उनकी यह चर्चा ब्रिटेन की मजबूत AI लीडरशिप को देश में आर्थिक विकास, नए तकनीकी अवसरों और रोजगार सृजन में बदलने पर पूरी तरह केंद्रित थी।

बिहार से ब्रिटेन तक का प्रेरणादायक और संघर्ष भरा सफर
कनिष्क नारायण का यह मुकाम तक पहुंचना किसी प्रेरणा से कम नहीं है। उनका जन्म साल 1989 में बिहार में हुआ था, जिसके बाद उनका परिवार कुछ समय के लिए नई दिल्ली आ गया। जब वे महज 12 वर्ष के थे, तब उनका परिवार वेल्स के कार्डिफ में बस गया। ब्रिटेन में शुरुआती दिनों में उनके माता-पिता ने जीवनयापन के लिए न्यूनतम मजदूरी (Minimum Wage) और नाइट-शिफ्ट में कड़ा संघर्ष किया था।

बाजार में बढ़ी हलचल
अपनी कड़ी मेहनत के दम पर कनिष्क को ब्रिटेन के प्रतिष्ठित ‘ईटन कॉलेज’ में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप मिली। इसके बाद उन्होंने दुनिया के दो सबसे बेहतरीन संस्थानों—ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से फिलॉसफी, पॉलिटिक्स और इकोनॉमिक्स (PPE) में डिग्री और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए (MBA) की उच्च शिक्षा प्राप्त की। राजनीति में कदम रखने से पहले उन्होंने ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंकिंग, वेंचर कैपिटल और पब्लिक पॉलिसी जैसे क्षेत्रों में काम किया, जहाँ उनका मुख्य फोकस हमेशा से टेक्नोलॉजी, फिनटेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर ही रहा। इसके अलावा, उन्होंने ब्रिटिश सिविल सर्वेंट के रूप में भी सेवाएं दीं और देश की आर्थिक नीतियों पर सरकार को महत्वपूर्ण सलाह दी।

राजनीति में बनाया इतिहास
कनिष्क नारायण ने लेबर पार्टी के साथ सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। साल 2024 के आम चुनाव में उन्होंने ‘वेल ऑफ ग्लेमॉर्गन’ (Vale of Glamorgan) निर्वाचन क्षेत्र से ऐतिहासिक जीत दर्ज की और वेल्स के पहले एथनिक माइनॉरिटी (अल्पसंख्यक) सांसद बने। लेबर पार्टी की सत्ता में वापसी के बाद उन्होंने शुरुआत में साइंस, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी विभाग में जूनियर मिनिस्टर के रूप में अपनी कार्यकुशलता साबित की, जिसके बाद अब उन्हें प्रमोट करके देश के पहले कैबिनेट-रैंक AI मंत्री की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। नई जिम्मेदारी और जिम्मेदारियां कैबिनेट-रैंक के इस नए पद पर रहते हुए कनिष्क नारायण देश की व्यापक AI पॉलिसी, सेमीकंडक्टर से जुड़ी महत्वाकांक्षाओं और प्रतिष्ठित ‘AI सिक्योरिटी इंस्टीट्यूट’ की कड़ी निगरानी करेंगे। साथ ही, उनका मुख्य उद्देश्य यूके के पूरे तकनीकी सेक्टर में बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश को आकर्षित करना और बढ़ावा देना होगा।