मुंगेली। जरहागांव नगर पंचायत और ग्राम पंचायत छतौना के बीच प्रस्तावित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की लोकेशन को लेकर चल रहा विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। लंबे समय से चल रहे टकराव और आरोप-प्रत्यारोप के बीच कलेक्टर कुंदन कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

दरअसल, CHC निर्माण के लिए छतौना की गौठान भूमि का प्रस्ताव पहले पारित हुआ था, लेकिन सार्वजनिक होने के बाद जरहागांव क्षेत्र में विरोध शुरू हो गया। दोनों पक्ष अपनी-अपनी जगह को बेहतर बताते रहे—एक तरफ छतौना ने मुख्य मार्ग से कनेक्टिविटी और उपलब्ध भूमि को आधार बनाया, वहीं जरहागांव ने मौजूदा स्वास्थ्य सुविधाओं और लोगों की पहुंच को प्राथमिकता दी।

आपको बता दें,विवाद के बीच राजनीतिक बयानबाजी और कथित आरोपों ने भी माहौल को गर्माया, हालांकि प्रशासन ने इन सभी बातों से ऊपर उठकर तकनीकी पहलू पर फोकस किया है। कलेक्टर ने साफ कहा है कि, अस्पताल वहीं बनेगा जहां अधिकतम लोगों को लाभ और बेहतर सड़क संपर्क मिले।

उन्होंने CMHO को निर्देश दिया है कि, “प्रैक्टिकल एप्रोच” के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत की जाए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दोनों संभावित स्थलों का निरीक्षण कर लिया है और अंतिम निर्णय कलेक्टर की स्वीकृति के बाद लिया जाएगा। प्रशासन का यह रुख अब विवाद को “नगर बनाम गांव” से हटाकर “जनहित और सुविधा” की दिशा में ले जाता दिख रहा है, जिससे जल्द समाधान की उम्मीद बढ़ गई है।
