पीएफआई पर एनआईए का बड़ा एक्शन: बीजेपी-आरएसएस नेताओं की हत्या और 2047 तक ‘खिलाफत’ की साजिश! 21 आरोपियों पर चलेगा ट्रायल

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नई दिल्ली। प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से जुड़े कथित आतंकी षड्यंत्र मामले में दिल्ली की पटियाला हाउस स्थित स्पेशल NIA कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। अदालत ने PFI के चेयरमैन ओएमए सलाम, वाइस चेयरमैन ईएम अबूबकर समेत 21 आरोपियों के खिलाफ गंभीर आरोप तय कर दिए हैं। इस मामले में 29 जुलाई से ट्रायल शुरू होगा।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के अनुसार, आरोपियों पर देश के खिलाफ साजिश रचने, आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने, युवाओं को कट्टरपंथ की ओर आकर्षित करने, टेरर कैंप आयोजित करने और नए सदस्यों की भर्ती करने जैसे गंभीर आरोप हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि संगठन का कथित उद्देश्य BJP और RSS के प्रमुख नेताओं को निशाना बनाना तथा लंबे समय की रणनीति के तहत देश में अस्थिरता फैलाना था।

NIA का यह भी आरोप है कि इस कथित नेटवर्क के लिए देश और विदेश से फंड जुटाया जा रहा था और वर्ष 2047 तक भारत में शरिया आधारित व्यवस्था स्थापित करने की योजना बनाई गई थी। मामले में गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, सभी आरोपियों ने अदालत में अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। बचाव पक्ष का कहना है कि मामला तथ्यों पर आधारित नहीं है और अदालत में इसका पूरा जवाब दिया जाएगा। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई 29 जुलाई से शुरू होगी, जिस पर देशभर की नजरें टिकी हैं।