झीरम कांड: 13 साल पुराने नक्सली हमले में आज अंतिम बहस, जगदलपुर कोर्ट में होगी सुनवाई

Follow Us

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित दरभा-झीरम घाटी नक्सली हमले से जुड़े मामले की न्यायिक सुनवाई अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। मामले में आज 10 अगस्त को दोपहर 3 बजे से अंतिम बहस होगी। अभियोजन और बचाव पक्ष न्यायालय के समक्ष अपने-अपने अंतिम तर्क रखेंगे। इसके बाद न्यायालय फैसला सुरक्षित रख सकता है या निर्णय सुनाने की तारीख घोषित कर सकता है।

झीरम घाटी हमले से जुड़े इस प्रकरण में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन चल रहा है। इनमें से एक आरोपी की मृत्यु हो चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में सुनवाई जारी है। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से साक्ष्य और दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं।

101 गवाहों के बयान दर्ज
मामले में अब तक 101 गवाहों के बयान न्यायालय में दर्ज किए जा चुके हैं। गवाहों के बयानों और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण अब अंतिम बहस के चरण तक पहुंचा है।आज होने वाली अंतिम बहस में अभियोजन और बचाव पक्ष मामले से जुड़े साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और अन्य तथ्यों के आधार पर अपने अंतिम तर्क न्यायालय के सामने रखेंगे। अंतिम बहस पूरी होने के बाद न्यायालय मामले में आगे की प्रक्रिया तय करेगा।

शासन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कर रहे पैरवी
इस मामले में शासन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश पाणिग्रही पैरवी कर रहे हैं। अंतिम बहस के दौरान अभियोजन पक्ष उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अपने पक्ष को न्यायालय के सामने रखेगा, जबकि बचाव पक्ष आरोपों और अभियोजन के साक्ष्यों पर अपना पक्ष प्रस्तुत करेगा।

13 साल से फैसले का इंतजार
झीरम घाटी नक्सली हमला छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित और संवेदनशील मामलों में शामिल है। घटना के 13 वर्ष से अधिक समय बाद मामला न्यायिक सुनवाई के अंतिम चरण में पहुंचा है। ऐसे में पीड़ित परिवारों और प्रदेशवासियों की नजर अब जगदलपुर न्यायालय की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।अंतिम बहस पूरी होने के बाद यह महत्वपूर्ण होगा कि न्यायालय मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का किस तरह मूल्यांकन करता है। इसके आधार पर आगे मामले में फैसला सुनाया जाएगा और यह स्पष्ट होगा कि अभियोजन पक्ष की ओर से लगाए गए आरोप न्यायालय के समक्ष किस हद तक प्रमाणित हो पाते हैं।