नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और पश्चिम एशिया में जारी संकट का सीधा असर अब वैश्विक कमोडिटी बाजारों पर दिखने लगा है। बुधवार को घरेलू वायदा बाजार (MCX) में उतार-चढ़ाव के बीच सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती बढ़त के बाद बिकवाली के दबाव के चलते चांदी रु.1,300 से अधिक फिसल गई, जबकि सोना भी लाल निशान में आ गया।
कारोबार की शुरुआत में अगस्त डिलीवरी वाला सोना मामूली बढ़त के साथ रु.1,59,447 प्रति 10 ग्राम पर खुला था। लेकिन बाजार में आई सुस्ती के कारण यह 0.24 प्रतिशत टूटकर रु.1,58,956 के स्तर पर आ गया। दूसरी ओर, जुलाई वायदा चांदी में बड़ी गिरावट देखी गई और यह 0.49 प्रतिशत (करीब रु.1,307) की कमजोरी के साथ रु.2,65,400 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी स्पॉट गोल्ड गिरकर 4,476.50 डॉलर और स्पॉट सिल्वर 74.73 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका-ईरान संघर्ष तेज होने से कच्चे तेल की कीमतों में 1% से ज्यादा का उछाल आया है। क्रूड महंगा होने से वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने और लंबे समय तक ब्याज दरें ऊंची रहने की आशंका गहरा गई है, जिससे निवेशक सतर्क हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि, सोने के लिए फिलहाल रु.1,59,000 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट है। यदि यह टूटता है, तो कीमतें रु.1,58,000 तक आ सकती हैं। वहीं चांदी के लिए रु.2,65,000 का स्तर बेहद अहम है; इसके नीचे जाने पर चांदी रु.2,61,000 तक लुढ़क सकती है। आने वाले दिनों में कीमती धातुओं की चाल पूरी तरह वैश्विक हालातों पर निर्भर करेगी।
