इस्लामाबाद। पाकिस्तान में सेना के राजनीतिक दखल को लेकर बहस के बीच जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (फजल) के प्रमुख मौलाना फज़लुर रहमान ने आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर पर निशाना साधा है। उन्होंने सेना की भूमिका को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर कोई राजनीति करना चाहता है तो उसे वर्दी छोड़कर मैदान में आना चाहिए। पंजाब में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मौलाना फज़लुर रहमान ने आरोप लगाया कि सेना देश की सुरक्षा और रक्षा के अपने मूल दायित्वों के अलावा अन्य मामलों में भी हस्तक्षेप कर रही है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मामलों में सेना की बढ़ती भूमिका लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है।
उन्होंने अफगानिस्तान को लेकर पाकिस्तान की सैन्य नीति पर भी सवाल उठाए और सीमा पार सैन्य कार्रवाई की आलोचना की। उनका कहना था कि देश के फैसले राजनीतिक संस्थाओं के माध्यम से होने चाहिए। मौलाना फज़लुर रहमान लंबे समय से पाकिस्तान की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। वह 2022 में इमरान खान सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के दौरान विपक्षी गठबंधन के प्रमुख नेताओं में शामिल थे। हालांकि, बाद में उन्होंने कई मुद्दों पर सरकार और सेना की नीतियों की आलोचना की। फज़लुर रहमान को पाकिस्तान के प्रभावशाली धार्मिक-राजनीतिक नेताओं में गिना जाता है। उनकी पार्टी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (फजल) का देश की राजनीति में लंबे समय से प्रभाव रहा है।
