नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय तनाव और युद्ध की खबरों के बीच आमतौर पर सोने को सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन इस बार हालात अलग नजर आ रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद सोने की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। इस सप्ताह गोल्ड करीब छह हफ्तों की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट की ओर बढ़ गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 1 जुलाई के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया और सप्ताहभर में इसकी कीमतों में 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस गिरावट की बड़ी वजह युद्ध नहीं बल्कि बढ़ती महंगाई, ऊंची ब्याज दरों की आशंका और मजबूत अमेरिकी डॉलर है।
तेल की कीमतों में तेजी ने बाजार की चिंता और बढ़ा दी है। महंगा क्रूड महंगाई को बढ़ा सकता है, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व समेत कई केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकते हैं। इसका असर सोने पर पड़ता है क्योंकि गोल्ड से कोई ब्याज आय नहीं मिलती।विशेषज्ञों का कहना है कि, निवेशकों की मुनाफावसूली और डॉलर की मजबूती ने भी सोने पर दबाव बनाया है। हालांकि, लंबी अवधि में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने पर सोने में दोबारा तेजी लौटने की संभावना बनी हुई है।
