राजनांदगांव। डोंगरगढ़ क्षेत्र के ग्राम छिपा में लंबे समय से सामाजिक बहिष्कार का सामना कर रहे गोपीराम वर्मा और उनके परिवार को पुलिस एवं प्रशासन की पहल के बाद दोबारा समाज में शामिल कराया गया। करीब छह वर्षों से चले आ रहे इस मामले में अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर विवाद की वजह समझी और आपसी सहमति से समाधान निकालने का प्रयास किया। पुलिस और प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य गांव में सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारा बनाए रखना रहा।
मामले की जानकारी मिलने के बाद तहसीलदार चिराग रामटेके, थाना प्रभारी और प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक सुमन जायसवाल के नेतृत्व में टीम ग्राम छिपा पहुंची। अधिकारियों ने परिवार, संबंधित पक्षों और समाज के लोगों से अलग-अलग चर्चा की। समझाइश और मध्यस्थता के बाद लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों को दूर करने पर सहमति बनी। इसके बाद गोपीराम वर्मा और उनके परिवार को पुनः सामाजिक रूप से स्वीकार किया गया।
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इस दौरान ग्रामीणों से अपील की गई कि किसी भी विवाद को बढ़ाने के बजाय बातचीत और प्रशासन की मदद से उसका शांतिपूर्ण समाधान निकाला जाए। पुलिस ने कहा कि समाज में आपसी विश्वास और सद्भाव बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। डोंगरगढ़ पुलिस के अनुसार, जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने और सामाजिक शांति को मजबूत करने के लिए इस तरह की पहल आगे भी जारी रहेगी।
