रायपुर। खरीफ के लिए खाद उपलब्ध करवा पाने के मामले में सरकार ने ठोस प्रयास शुरू नहीं किया है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि कृषि मंत्री केवल मीडिया में बयान देकर अपने कर्तव्य की पूर्ति समझ लिए है। सरकार ने अभी तक उर्वरकों की व्यवस्था के बारे में निश्चिंत बनी हुई है। अभी तक सरकार को किसानों की जरूरत के अनुसार सोसायटियों से मांग का डाटा एकत्रित कर सभी सोसायटियों में खाद पहुंचाना शुरू कर देना चाहिए। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि सरकार बताये कि इस वर्ष कितने उर्वरकों की जरूरत का आंकलन किया गया तथा सरकार के पास कितनी उपलब्धता की व्यवस्था की गयी है?
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि भाजपा की सरकार आदतन किसान विरोधी है, पिछले खरीफ सीजन में खाद का संकट छत्तीसगढ़ के किसानों ने भोगा हैं, अब फिर वही स्थिति बन रही है, सरकार के संरक्षण में नकली खाद, अमानक खाद, नैनो यूरिया के नाम पर गुणवत्ताहीन खान लेने किसानों को मजबूर किया गया, ऐसे ही झूठे दावे सरकार ने पिछले करीब सीजन में भी सरकार करती रही और किसान खाद के लिए दर-दर भटकते रहे, यूरिया और डीएपी का स्टॉक डिमांड के आधा भी उपलब्ध नहीं कर पाई सरकार। बिचोलीयों और कालाबाजारी करने वालों को इस सरकार का संरक्षण था चार गुना अधिक दाम पर किसान जमाखोरों से 460 का यूरिया 2000 में और 1350 का डीएपी 4 हजार तक में खरीदने मजबूर हुए फिर भी पर्याप्त खाद किसानों को नहीं मिल पाया, अब आगामी खरीफ सीजन में भी यही स्थिति बनती हुई दिख रही है। आगामी खरीफ सीजन में लगभग साढ़े सात लाख मीट्रिक टन यूरिया और साढ़े तीन लाख मीट्रिक टन डीएपी की आवश्यकता होगी जिसे लेकर सरकार की तैयारी करें दिख नहीं रही, सरकार की अकर्मण्यता किसानों की चिंता का कारण है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि खरीफ सीजन शुरू होने के पहले सरकार का दायित्व है कि वह किसानों के मांग के अनुरूप सोसायटियों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक पहुंचाएं ताकि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो सके। सरकार उर्वरकों की उपलब्धता पर श्वेत पत्र जारी करे। कृषि मंत्री स्पष्ट करे कि अभी तक सरकार के पास कितने टन उर्वरकों की मांग का अनुमान है और सरकार ने कितने टन उर्वरक इंतजाम कर लिया है। पिछली बार की तरह झूठ बोलकर किसानों को गुमराह मत करे। मंत्री की हड़बड़ाहट बता रही है कि इस बार भी केंद्र की सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों के हक और अधिकार का उर्वरक देने से आनाकानी कर रही है और दलीय चाटुकारिता में भाजपा के नेता अभी से बहाने तलाश रहे है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि पिछले खरीफ सीजन में राज्य के किसानों को 14 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की आवश्यकता थी, साय सरकार शुरू के दो माह तक मात्र 80 हजार मीट्रिक टन ही उर्वरक दे पायी थी, आखिर तक जरूरत से आधे का भी इंतजाम नहीं कर पायी सरकार। किसान यूरिया से लेकर डीएपी और पोटाश सभी के लिए भटकते रहे, बिचौलियों के द्वारा ब्लेक मार्केट में तीन से चार गुने दाम में किसानों को यूरिया और डीएपी खरीदने को मजबूर होना पड़ा था। आगामी खरीफ सीजन में 15 लाख 55 हजार मीट्रिक टन खाद की आवश्यकता अनुमानित है, पर इस सरकार की तैयारी आधी भी नहीं है।
