रायपुर। उपभोक्ता अधिकारों से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में रायपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने वाहन डीलर कंपनी को शिकायतकर्ता की जमा राशि लौटाने का आदेश दिया है। आयोग ने कंपनी को 14 लाख रुपये की मूल राशि के साथ 1 लाख रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति, 10 हजार रुपये वाद व्यय और निर्धारित ब्याज का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।
मामले में शिकायतकर्ता एम/एस मित्तल एंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर राहुल मित्तल ने 11 अप्रैल 2024 को MG Hector वाहन की बुकिंग के लिए Shivayaa Cars Pvt. Ltd. को 14 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। बाद में उन्होंने ईमेल के माध्यम से डीलर को सूचित किया कि वाहन अब दूसरी फर्म एम/एस रुबिकॉन स्टील्स के नाम पर खरीदा जाएगा और पहले जमा की गई राशि वापस कर दी जाए।
बताया गया कि दूसरी फर्म ने वाहन की पूरी कीमत का भुगतान कर दिया और वाहन उसके नाम से पंजीकृत भी हो गया। इसके बावजूद डीलर कंपनी ने शिकायतकर्ता की 14 लाख रुपये की राशि वापस नहीं की। कई ईमेल रिमाइंडर और कानूनी नोटिस भेजने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया, जिसके बाद मामला उपभोक्ता आयोग पहुंचा।
सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि नोटिस मिलने के बावजूद कंपनी ने प्रभावी जवाब प्रस्तुत नहीं किया। शिकायतकर्ता की ओर से प्रस्तुत बैंक रिकॉर्ड, ईमेल, दस्तावेज और कानूनी नोटिस के आधार पर आयोग ने माना कि कंपनी ने बिना वैध कारण के राशि रोके रखी, जो सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आता है।
आयोग ने आदेश दिया कि कंपनी शिकायतकर्ता को 14 लाख रुपये वापस करने के साथ 1 लाख रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति, 10 हजार रुपये वाद व्यय तथा 10 दिसंबर 2025 से भुगतान की तिथि तक 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज अदा करे। यदि 45 दिनों के भीतर भुगतान नहीं किया जाता है, तो संबंधित राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देय होगा।
इस मामले में AA Law Chambers के अधिवक्ता अमित अग्रवाल और वंदना बंसल ने शिकायतकर्ता की ओर से पैरवी की। दस्तावेजों और विधिक तथ्यों के आधार पर प्रस्तुत दलीलों को आयोग ने स्वीकार किया। इस फैसले को वाहन बुकिंग, एडवांस भुगतान और रिफंड विवादों से जुड़े उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
