बीजापुर, छत्तीसगढ़। जिले में लगातार तीन दिनों तक हुई भारी बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। बारिश का असर कम होने के बाद चेरपाल नाले का जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है, लेकिन ह्यूम पाइपों में फंसी लकड़ियों और मलबे के कारण पानी का बहाव प्रभावित हो रहा था। इससे रपटा के ऊपर से पानी बहने की स्थिति बनी हुई थी और लोगों की आवाजाही बाधित हो गई थी।
जिले में 1 जून से अब तक 636.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। इसमें बीजापुर में सबसे अधिक 803.1 मिमी, भैरमगढ़ में 773.4 मिमी, कुटरू में 747.9 मिमी, गंगालूर में 582.3 मिमी, भोपालपटनम में 527.6 मिमी और उसूर में 383.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गंगालूर तहसीलदार भोज कुमार डहेरिया राजस्व विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने केवल हालात का जायजा ही नहीं लिया, बल्कि कर्मचारियों के साथ मिलकर ह्यूम पाइप में फंसे मलबे और कचरे को हटाने के कार्य में भी सहयोग किया।
अधिकारियों की इस पहल से पानी के बहाव को सामान्य करने और प्रभावित मार्ग पर आवागमन बहाल करने के प्रयास तेज किए गए हैं। लगातार बारिश के चलते जिले में प्रशासन की टीमें राहत और निगरानी कार्य में जुटी हुई हैं।
