कांकेर। आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से खेती को आसान और लाभकारी बनाने की दिशा में कृषि अभियांत्रिकी विभाग की फार्म मशीनरी बैंक योजना किसानों के लिए मददगार साबित हो रही है। इस योजना का लाभ लेकर कांकेर विकासखंड के ग्राम किरगापाटी निवासी बोधन कोरेटी ने अपना फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किया है। इससे वे खुद की खेती में आधुनिक उपकरणों का उपयोग करने के साथ आसपास के किसानों को भी किराये पर कृषि यंत्र उपलब्ध करा सकेंगे। राज्योत्सव-2026 के अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने उन्हें ट्रैक्टर और अनुदान राशि का चेक प्रदान किया।
बोधन कोरेटी के पास 5 एकड़ 35 डिसमिल कृषि भूमि है और उनके परिवार में छह सदस्य हैं। पहले खेती के लिए जरूरी मशीनें उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें दूसरे किसानों या किराये के उपकरणों पर निर्भर रहना पड़ता था। इससे समय, श्रम और लागत बढ़ती थी। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने 15 लाख रुपये की परियोजना लागत से फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किया। इसके लिए 12 लाख रुपये का बैंक ऋण लिया गया है। योजना के नियमानुसार ऋण के बाद 6 लाख रुपये का विभागीय अनुदान दिए जाने का प्रावधान है।
उनके फार्म मशीनरी बैंक में ट्रैक्टर, रोटावेटर, धान की सीधी बुवाई के लिए डीएसआर सीड ड्रिल, स्प्रेयर, रीपर और थ्रेशर सहित कई आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध हैं। किसान अपनी जरूरत के अनुसार इन उपकरणों को किराये पर ले सकेंगे। इससे खेत की तैयारी, बुवाई, फसल प्रबंधन, कटाई और गहाई जैसे काम समय पर पूरे करने में मदद मिलेगी। कृषि यंत्र किराये पर उपलब्ध कराने से बोधन कोरेटी को प्रतिवर्ष लगभग 3 लाख रुपये की अतिरिक्त आय होने की उम्मीद है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने और किसानों के लिए स्वरोजगार के अवसर तैयार करने में भी सहायक होगी।
