तिरुवनंतपुरम। केरल की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनकी बेटी वीणा विजयन के खिलाफ एक साथ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी। मुख्यमंत्री पद से हटते ही विजयन और उनकी बेटी से जुड़े 12 ठिकानों पर ईडी ने ताबड़तोड़ छापेमारी की है। यह पूरी कार्रवाई कोच्चि मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) से जुड़े हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है। इस विवाद की जड़ें अप्रैल 2025 में सीरियस फ्रॉड… इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) द्वारा दायर की गई चार्जशीट से जुड़ी हैं।
जांच के मुताबिक, वीणा विजयन की आईटी कंपनी ‘एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस’ ने साल 2017 में CMRL के साथ सॉफ्टवेयर और मार्केटिंग सेवाओं के लिए एक कॉन्ट्रैक्ट किया था। आरोप है कि बिना कोई सेवा दिए इस फर्म ने तीन साल के भीतर ₹1.72 करोड़ का अवैध और संदिग्ध भुगतान प्राप्त किया। इस वित्तीय गड़बड़ी का पहला सुराग 2019 में आयकर विभाग (IT) की छापेमारी के दौरान मिला था। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने जनवरी 2024 में SFIO जांच के आदेश दिए, जिसके बाद ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत केस दर्ज किया था।
फिलहाल केंद्रीय एजेंसी की यह छापेमारी जारी है, जिसने केरल के सियासी गलियारों में भारी हलचल पैदा कर दी है। विपक्ष जहां इसे भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार बता रहा है, वहीं राजनीतिक विश्लेषक इसे पूर्व सीएम के लिए बड़ी कूटनीतिक और कानूनी मुसीबत मान रहे हैं।
