नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कलानी इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक धर्मेश नरेंद्र संगानी से जुड़े मामले में तलाशी अभियान चलाया है। यह कार्रवाई फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट, 1999 (FEMA) के तहत की गई। ED के अनुसार, तलाशी के दौरान विदेशों में अघोषित संपत्तियों, बैंक खातों और संदिग्ध क्रॉस-बॉर्डर लेनदेन से जुड़े कई महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं। जांच एजेंसी ने तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों को जब्त कर लिया है। जांच में सामने आया है कि कंपनी के निर्यात से जुड़ी कुछ रकम लंबे समय बाद भी भारत नहीं आई। एजेंसी का कहना है कि बकाया राशि की वसूली के लिए भी पर्याप्त दस्तावेजी प्रयास नहीं किए गए। इसके अलावा, कुछ विदेशी खरीदारों से मिलने वाली निर्यात राशि भी लंबित पाई गई।
ED ने बताया कि कुछ एक्सपोर्ट भुगतान ऐसी तीसरी पक्ष की विदेशी कंपनियों से प्राप्त हुए, जिनका नाम निर्यात इनवॉइस या शिपिंग बिल में खरीदार या प्राप्तकर्ता के तौर पर दर्ज नहीं था। एजेंसी अब इन लेनदेन की जांच FEMA के संभावित उल्लंघन के एंगल से कर रही है। तलाशी के दौरान जांच एजेंसी को कनाडा, अमेरिका और UAE में कई अघोषित विदेशी बैंक खातों की जानकारी मिलने का दावा किया गया है। इसके अलावा, दस्तावेजों से धर्मेश संगानी की एक अघोषित कनाडाई कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी होने की बात भी सामने आई है। ED के मुताबिक, विदेशी बैंक खातों और संपत्तियों से जुड़ी जानकारी संबंधित अधिकारियों को नहीं दी गई थी। फिलहाल एजेंसी मामले में विदेशी संपत्तियों, धन के प्रवाह और संभावित नियम उल्लंघनों की विस्तृत जांच कर रही है।
