कोलकाता। कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव अभिषेक बनर्जी को सख्त निर्देश दिया है कि वह बिधाननगर अदालत में पेश होकर आपराधिक जांच विभाग (CID) को अपनी आवाज का नमूना दें। अदालत ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर वह ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें पुलिस की दंडात्मक कार्रवाई से मिली सुरक्षा वापस ले ली जाएगी।
15 जुलाई दोपहर 2 बजे तक का समय
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने अभिषेक बनर्जी को 15 जुलाई को दोपहर 2 बजे तक उत्तर 24 परगना जिले की बिधाननगर कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है। वहाँ उन्हें न्यायिक मजिस्ट्रेट और फोरेंसिक विशेषज्ञों की मौजूदगी में पश्चिम बंगाल पुलिस की CID को अपनी आवाज का नमूना सौंपना होगा।
अदालत की चेतावनी: यदि अभिषेक बनर्जी तय समय सीमा के भीतर अदालत में पेश नहीं होते हैं, तो उन्हें गिरफ्तारी समेत पुलिस की किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से मिली अंतरिम सुरक्षा (जो फिलहाल 31 जुलाई तक है) छीनी जा सकती है। इसके अलावा उन पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
क्या है पूरा मामला?
अभिषेक बनर्जी (जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे भी हैं) पर आरोप है कि उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले एक चुनावी रैली में कथित रूप से हिंसा भड़काने वाले बयान दिए थे और केंद्रीय गृह मंत्री को धमकी दी थी। इसी मामले की जांच के सिलसिले में CID को उनकी आवाज के नमूने की दरकार है।
इससे पहले अभिषेक बनर्जी दो बार तय समय पर जिला अदालत में पेश होने से बचते रहे हैं। हाल ही में 8 जुलाई को CID अधिकारी करीब दो घंटे तक अदालत में उनका इंतजार करते रहे, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए।
वकील ने दी सहमति, कोर्ट ने दिए सुरक्षा के निर्देश
न्यायमूर्ति भट्टाचार्य के इस कड़े रुख के बाद अभिषेक बनर्जी के वकील ने अदालत को भरोसा दिलाया कि उनके मुवक्किल निर्देशों का पालन करेंगे और तय तारीख व समय पर कोर्ट में पेश होकर अपनी आवाज का नमूना देंगे।
साथ ही, वकील ने कोर्ट से अनुरोध किया कि पेशी के दौरान अभिषेक बनर्जी को किसी भी तरह की शारीरिक परेशानी या उत्पीड़न का सामना न करना पड़े। इस पर संज्ञान लेते हुए न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने पुलिस को निर्देश दिया है कि उस दिन अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित की जाए।
