रायपुर/भिलाई। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसी का एक्शन लगातार जारी है। भारतमाला प्रोजेक्ट घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिटायर्ड आईएएस अधिकारी जेके ध्रुव के भिलाई स्थित आवास समेत तीन अलग-अलग ठिकानों पर बुधवार तड़के एक साथ छापा मारा है। करीब 6 गाड़ियों में सवार होकर पहुंचे ईडी के अधिकारियों ने तड़के 2 बजे जेके ध्रुव के घर पर दबिश दी, जहां फिलहाल कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है। गौरतलब है कि रिटायर्ड आईएएस जेके ध्रुव छत्तीसगढ़ पीएससी (CG-PSC) भर्ती घोटाले में भी मुख्य आरोपी हैं और फिलहाल जेल में बंद हैं। इस नई कार्रवाई को भारतमाला कॉरिडोर भुगतान घोटाले में उनके कनेक्शन से जोड़कर देखा जा रहा है।
यह पूरा मामला भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक कॉरिडोर के जमीन अधिग्रहण में हुए करीब 43 करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़ा है। इस महाघोटाले में भू-माफिया, जमीन दलालों, आरआई और पटवारियों के सिंडिकेट ने बैक डेट पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। शातिर तरीके से जमीन को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर वास्तविक मुआवजे की जगह 78 करोड़ रुपये का फर्जी भुगतान दिखाया गया था। मामले का मुख्य आरोपी और जमीन दलाल हरमीत सिंह खनूजा है। ईडी की छानबीन में खनूजा के ससुर हरमीत सिंह चावला के पास से भी इस घोटाले के पैसों के लेनदेन से जुड़े बेहद अहम सुराग मिले हैं। फिलहाल ईडी की टीमें संदिग्ध कारोबारियों और अधिकारियों के ठिकानों पर तलाशी ले रही हैं, जिसके बाद कई और चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।
