दुर्ग-मुंगेली पुलिस का बड़ा अभियान, बाहरी लोगों और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर

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दुर्ग-मुंगेली। छत्तीसगढ़ पुलिस ने अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बाहरी प्रवासी व्यक्तियों, संदिग्ध लोगों और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों पर निगरानी बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (भा.पु.से.) ने जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना एवं चौकी प्रभारियों तथा साइबर सेल के अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जिले में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी रखी जाए। साथ ही बाहर से आने वाले प्रवासी व्यक्तियों, संदिग्ध लोगों और बिना सत्यापन के रह रहे लोगों की जानकारी जुटाई जाए। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य अपराध की रोकथाम के साथ-साथ जिले में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को निर्देशित किया है कि अपने-अपने क्षेत्रों में रहने वाले मकान मालिकों को जागरूक किया जाए और किरायेदारों का अनिवार्य रूप से सत्यापन कराया जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति यदि अपना मकान किराये पर देता है तो उसे संबंधित थाना क्षेत्र में इसकी जानकारी देना जरूरी होगा।

इसके साथ ही मकान मालिकों को छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा तैयार किए गए ‘समाधान एप’ का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस एप में मकान मालिक अपने मोबाइल नंबर से पंजीयन कर राज्य के भीतर से आने वाले किरायेदारों और अन्य राज्यों से आने वाले प्रवासी व्यक्तियों की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इससे पुलिस के पास क्षेत्र में रहने वाले लोगों का रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मकान मालिकों को समाधान एप के संबंध में जानकारी दें और आवश्यकतानुसार नोटिस जारी कर किरायेदार सत्यापन की प्रक्रिया सुनिश्चित कराएं।

आकर्षण बैठक में फेरी लगाकर सामान बेचने वाले और घूमने वाले लोगों की भी जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। थाना एवं चौकी प्रभारियों को कहा गया है कि वे ग्राम कोटवारों के माध्यम से क्षेत्र में आने वाले फेरीवालों की जानकारी जुटाएं। ऐसे लोगों के आधार कार्ड सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाए और उन्हें संबंधित थाने में मुसाफिरी दर्ज कराने के लिए निर्देशित किया जाए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने जिले के औद्योगिक संस्थानों, ढाबों, लॉज और होटलों में भी विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन स्थानों पर काम करने वाले कर्मचारियों और ठहरने वाले पर्यटकों एवं आगंतुकों की प्रतिदिन समाधान एप में एंट्री सुनिश्चित की जाए। इससे बाहरी व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखने में पुलिस को सहायता मिलेगी।

पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से भी सहयोग की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को अपने आसपास कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई देता है, कोई बाहरी व्यक्ति बिना जानकारी के रह रहा है या उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगती हैं तो तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी जाए। मुंगेली पुलिस ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि संदिग्ध गतिविधियों, अवैध हथियार, नशे के कारोबार या अन्य गैरकानूनी कार्यों की जानकारी टोल फ्री नंबर 1800-233-1905 पर दर्ज कराई जा सकती है।

वहीं साइबर ठगी की स्थिति में पीड़ित तुरंत 1930 नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 9479193044 पर भी अवैध गतिविधियों से संबंधित सूचनाएं दी जा सकती हैं। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी अपराध रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

समाधान एप के माध्यम से जानकारी एकत्र करने से पुलिस को क्षेत्र में रहने वाले लोगों का बेहतर रिकॉर्ड मिलेगा और किसी भी आपराधिक गतिविधि पर समय रहते कार्रवाई की जा सकेगी। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ आम जनता और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।