मलेरिया पर निर्णायक प्रहार जारी, ‘जीरो डेथ’ लक्ष्य के साथ स्वास्थ्य विभाग सतर्क : स्वास्थ्य मंत्री

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रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य मलेरिया से एक भी मृत्यु न होने देना है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग गांव-गांव पहुंचकर जांच, उपचार, सर्वेक्षण और जनजागरूकता अभियान चला रहा है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत अब तक 34.29 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है, जिसमें मलेरिया, टीबी, सिकल सेल, कुष्ठ रोग और मुख कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान कर उपचार शुरू किया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अभियान के दौरान 60 हजार से अधिक गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया, जबकि 10,938 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी और उपचार सुनिश्चित किया गया। रणनीतिक कार्ययोजना और जनसहभागिता के चलते बस्तर संभाग में मलेरिया पॉजिटिविटी दर 4.60 प्रतिशत से घटकर 0.48 प्रतिशत तथा राज्य का वार्षिक परजीवी सूचकांक (एपीआई) 5.21 से घटकर 0.90 हो गया है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में पिछले ढाई वर्षों में 11.89 लाख से अधिक संस्थागत प्रसव हुए हैं। वहीं जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच 375 नई 108 संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस के माध्यम से 6.50 लाख से अधिक लोगों को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके अलावा 1,051 स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक पैथोलॉजी जांच सेवाएं शुरू की गई हैं तथा सभी 10 मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की तैयारी की जा रही है।

स्वास्थ्य मंत्री ने खाद्य सुरक्षा को लेकर भी सख्त रुख अपनाते हुए प्रदेश में एनालॉग पनीर के उपयोग और बिक्री पर प्रभावी प्रतिबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य एवं खाद्य सेवाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।