चीन में फिर कोरोना के मामले बढ़े, नए NB.1.8.1 वैरिएंट ने बढ़ाई टेंशन, जानिए भारत की स्थिति

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नई दिल्ली। चीन में एक बार फिर कोरोना संक्रमण ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। जून में 79 हजार नए केस दर्ज हुए और ओमिक्रॉन का NB.1.8.1 वैरिएंट सबसे ज्यादा फैल रहा है। इनमें से केवल 130 मरीज गंभीर स्थिति में पाए गए और एक व्यक्ति की मौत हुई। फिलहाल यह चीन में सबसे तेजी से फैलने वाला श्वसन संक्रमण बन गया है. हालांकि इस बार स्थिति 2020 जैसी नहीं है, लेकिन फिर भी भारत समेत दुनिया के देशों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि इस बार ज्यादातर मरीजों में हल्के लक्षण हैं और स्थिति 2020 जैसी गंभीर नहीं है. लेकिन लगातार बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता जरूर बढ़ा दी है।

चीन के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (China CDC) के मुताबिक, इस समय देश में ओमिक्रॉन का NB.1.8.1 वैरिएंट सबसे ज्यादा फैल रहा है। 13 से 19 जुलाई के आंकड़ों के अनुसार, कोरोना टेस्ट की पॉजिटिविटी दर बढ़कर 16.3% हो गई है, जबकि इससे पहले यह करीब 12% थी।

चीन के स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इस बार संक्रमण तेजी से जरूर फैल रहा है, लेकिन ज्यादातर मरीजों में हल्के लक्षण हैं। राहत की बात यह है कि अब तक सामने आए अधिकतर मामलों में लक्षण हल्के हैं और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने फिलहाल किसी बड़े खतरे की आशंका नहीं जताई है।

चीन के स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि अधिकतर मरीजों में बुखार, गले में दर्द और सर्दी-जुकाम जैसे हल्के लक्षण हैं। ज्यादातर लोग 5 से 7 दिन में ठीक हो रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि गर्मियों में लोग ज्यादा समय एयर कंडीशनर वाले बंद कमरों में बिताते हैं। साथ ही, गर्मियों की छुट्टियों में यात्रा भी बढ़ जाती है। इससे वायरस को फैलने का मौका मिलता है।

चीन के डॉक्टरों के मुताबिक, पिछले साल मई 2025 में कोरोना की पॉजिटिविटी दर 20% से ज्यादा पहुंच गई थी। इस बार संक्रमण उस स्तर से काफी नीचे है. फिर भी स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे, कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोग और गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज सावधानी बरतें।

डॉक्टरों का कहना है कि समय के साथ वैक्सीन और पुराने संक्रमण से बनी प्रतिरोधक क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है। यही वजह है कि समय-समय पर कोरोना के मामलों में उछाल देखने को मिल सकता है। फिलहाल भारत के लिए घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है। अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि चीन में फैल रहा NB.1.8.1 वैरिएंट पहले की तरह खतरनाक साबित हो रहा है।