नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा, पीड़िता को 5 लाख प्रतिकर देने की अनुशंसा

Follow Us

अंबिकापुर। सरगुजा जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट) कमलेश जगदल्ला की अदालत ने दोषी विमल खाखा (19) को 20 वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने पीड़िता को शासन की योजना के तहत ₹5 लाख प्रतिकर दिए जाने की भी अनुशंसा की है।

विशेष लोक अभियोजक विद्याभूषण श्रीवास्तव के अनुसार, कमलेश्वरपुर थाना क्षेत्र निवासी आरोपी ने जुलाई 2022 में नाबालिग का अपहरण कर उसे अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर दुष्कर्म किया था। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने नाबालिग को आरोपी के कब्जे से बरामद कर भारतीय दंड संहिता और पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। मामले की सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि दुष्कर्म के कारण पीड़िता गर्भवती हुई और उसने एक शिशु को जन्म दिया।

सुनवाई के बाद अदालत ने पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए कहा कि ऐसे गंभीर अपराधों में नरमी बरतना समाज के लिए गलत संदेश होगा। न्यायालय ने अपराध की गंभीरता, पीड़िता की कम उम्र, उसके शारीरिक एवं मानसिक कष्ट तथा अपराध के सामाजिक प्रभाव को ध्यान में रखते हुए भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं एवं पॉक्सो अधिनियम के तहत अधिकतम 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने निर्देश दिया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।