रायपुर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने के साथ शिकायतों की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और इस संबंध में स्पष्ट जानकारी सामने आनी चाहिए। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी बयान में बैज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने, हटाए गए नामों की समीक्षा करने और पात्र मतदाताओं के नाम नियमानुसार दोबारा जोड़ने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग भी रखी।
बैज ने छत्तीसगढ़ के अलावा मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल और असम में चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और चुनाव आयोग की निष्पक्षता लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं। कांग्रेस ने देशभर में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा किया है, हालांकि इस आंकड़े और इसके कारणों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए चुनाव आयोग के आधिकारिक रिकॉर्ड का मिलान जरूरी है। कांग्रेस अध्यक्ष ने चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की कथित लिखित आपत्तियों का हवाला देते हुए दावा किया कि पिछले 10 महीनों में मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर 14 बार टिप्पणियां की गईं। पार्टी ने इन आपत्तियों और संबंधित दस्तावेजों की समीक्षा कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
बैज ने दिसंबर 2023 में पारित कानून के तहत चुनाव आयुक्तों को मिले कानूनी संरक्षण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता के साथ जवाबदेही भी सुनिश्चित होनी चाहिए। कांग्रेस ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर अपना आंदोलन जारी रखने की बात कही है। फिलहाल, पार्टी की ओर से लगाए गए आरोपों और आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में चुनाव आयोग और केंद्र सरकार का पक्ष सामने आने के बाद ही सभी पहलुओं का आकलन किया जा सकेगा।
