दुर्गूकोंदल। कांकेर जिले के विकासखंड दुर्गूकोंदल के आश्रित ग्राम आमागढ़ निवासी सुरज लाल राना ने नसबंदी विफल होने के मामले में दो साल बाद भी मुआवजा राशि नहीं मिलने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि नसबंदी प्रक्रिया के बावजूद उनकी पत्नी गर्भवती हो गई, जिसके बाद शासन की निर्धारित योजना के तहत मिलने वाली मुआवजा राशि के लिए उन्होंने संबंधित विभाग में आवेदन किया था। सुरज लाल राना के अनुसार, मुआवजा राशि प्राप्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों को आवेदन के साथ संलग्न कर संबंधित विभाग में जमा किया जा चुका है। इसके बावजूद अब तक उन्हें मुआवजा राशि का भुगतान नहीं किया गया है।
दो साल से दफ्तरों के लगा रहे चक्कर:
पीड़ित ने बताया कि मुआवजा राशि की जानकारी लेने और भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए वह कई बार संबंधित अधिकारियों के कार्यालय पहुंच चुके हैं। हर बार उन्हें प्रक्रिया पूरी होने या आगे कार्रवाई होने की उम्मीद दी जाती है, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी राशि उनके खाते में नहीं पहुंची है।
सुरज लाल राना ने संबंधित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए गए हैं, तो मुआवजा राशि मिलने में इतनी देरी क्यों हो रही है, इसका स्पष्ट जवाब उन्हें नहीं मिल रहा है।
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जल्द मुआवजा दिलाने की मांग:
पीड़ित ने शासन और स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से मामले में संज्ञान लेकर दस्तावेजों की जांच कराने तथा पात्रता के अनुसार लंबित मुआवजा राशि जल्द से जल्द दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि लंबे समय से कार्यालयों के चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
वहीं, मामले में संबंधित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही मुआवजा भुगतान में देरी के वास्तविक कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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