रायपुर। अल नीनो के प्रभाव से कमजोर मानसून की आशंका के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किसानों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे मौसम विभाग के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए खेती-किसानी की योजना बनाएं।
जांजगीर-चांपा और सक्ती दौरे पर रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम विभाग पहले ही संकेत दे चुका है कि इस वर्ष मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है। ऐसे में किसानों को वर्षा की स्थिति के अनुसार फसल और खेती की रणनीति तय करनी चाहिए। सरकार भी लगातार उन्हें आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध करा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वे सक्ती में भाजपा जिला कार्यालय के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे। वहीं मंत्रालय में आयोजित हालिया समीक्षा बैठक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस वर्ष के बजट में पांच प्रमुख मिशन शामिल किए हैं, जिनमें AI मिशन भी एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग को देखते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की गई है।
चरण पादुका योजना से जुड़े टेंडर पर हाईकोर्ट की रोक के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के दौरान यह योजना बंद कर दी गई थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे दोबारा शुरू किया है और आगे भी इसका लाभ पात्र हितग्राहियों को लगातार मिलता रहेगा।
मुख्यमंत्री ने 4 और 5 जुलाई को आईआईएम में आयोजित होने वाले चिंतन शिविर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह चिंतन शिविर का तीसरा संस्करण होगा, जिसमें सुशासन (Good Governance) और सरकार के कामकाज को और प्रभावी बनाने पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। उनके अनुसार ऐसे आयोजन शासन-प्रशासन को बेहतर दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
