रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों और अमर शहीदों को नमन करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस देश के गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेने और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को मजबूत करने का अवसर है।
मुख्यमंत्री साय ने महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. भीमराव अंबेडकर, वीर सावरकर सहित स्वतंत्रता संग्राम के सभी सेनानियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वतंत्रता और स्वाभिमान की अलख जगाने वाले भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुंडाधुर, गेंद सिंह सहित अन्य जननायकों को भी याद किया।
बस्तर में शांति के साथ विकास की नई शुरुआत
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता के बाद बस्तर में शांति, विश्वास और विकास का नया वातावरण बना है। उन्होंने कहा कि कभी हिंसा और भय से प्रभावित रहने वाले क्षेत्रों में अब तिरंगा यात्राएं निकल रही हैं और विकास की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। बस्तर का नवनिर्माण सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के जरिए विभिन्न योजनाओं और सामुदायिक सुविधाओं का लाभ बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। बंद पड़े स्कूलों को फिर शुरू किया गया है और नए स्कूलों की स्वीकृति भी दी गई है। दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा सुविधाओं को मजबूत करने के लिए एजुकेशन सिटी विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
किसानों की समृद्धि पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों का सम्मान और उनकी आर्थिक मजबूती सरकार की प्राथमिकता है। किसानों से समर्थन मूल्य के साथ 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसलों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए बड़े स्तर पर योजनाओं को मंजूरी दी गई है। सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना सहित कई परियोजनाओं के माध्यम से कृषि क्षेत्र को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान की घोषणा
स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री ने ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान शुरू करने की घोषणा की। इसके तहत प्रदेश के 6,671 शासकीय विद्यालयों में बालिकाओं के लिए नए शौचालय बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों के लिए बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण तैयार करना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने महिला सशक्तीकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘महतारी वंदन योजना’ के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश में बड़ी संख्या में महिलाएं ‘लखपति दीदी’ के रूप में आगे बढ़ रही हैं।
युवाओं के लिए रोजगार और नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। रोजगार, शिक्षा, कौशल विकास, खेल और नवाचार के क्षेत्र में नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। पुलिस में युवाओं की भर्ती के साथ शिक्षक और अन्य विभागों में भी भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए नई सहायता योजना शुरू करने की बात कही। साथ ही अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने के निर्णय का भी उल्लेख किया।
एआई और नई अर्थव्यवस्था पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को भविष्य की तकनीकी जरूरतों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन को मंजूरी दी गई है। इसके तहत एआई डेटा लैब, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और एआई आधारित सेवाओं को विकसित किया जाएगा। विद्यार्थियों और शासकीय कर्मचारियों को भी एआई का प्रशिक्षण देने की योजना है।
उन्होंने कहा कि स्टार्टअप और नई तकनीक को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार काम कर रही है। इससे युवाओं के लिए रोजगार के साथ उद्यमिता के नए रास्ते खुलेंगे।
निवेश और रोजगार को मिलेगी गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के जरिए प्रदेश में निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है। विभिन्न इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों के माध्यम से बड़े निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे आने वाले समय में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
नवा रायपुर, राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा सहित अन्य क्षेत्रों में औद्योगिक और मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को निवेश और रोजगार के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।
सड़क, बिजली और डिजिटल कनेक्टिविटी पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सड़क, रेल, बिजली और डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भारतमाला परियोजना, रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे और रावघाट-जगदलपुर रेल नेटवर्क जैसी परियोजनाओं से प्रदेश के आर्थिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है। दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सुविधा बढ़ाने के लिए भी लगातार काम किया जा रहा है।
पर्यटन और संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने बस्तर और सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता एवं जनजातीय संस्कृति को देश-दुनिया तक पहुंचाने की बात कही। चित्रकोट को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने और वहां टेंट सिटी बनाने की योजना का उल्लेख किया गया।
सिरपुर को भी विश्व धरोहर स्थल के मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। छत्तीसगढ़ी संस्कृति और सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए फिल्म सिटी सहित कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है।
पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी सरकार की प्राथमिकता है। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत प्रदेश में बड़े स्तर पर पौधरोपण किया गया है। उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण में भागीदारी निभाने की अपील की।
विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण सभी का सामूहिक लक्ष्य है। उन्होंने प्रदेशवासियों से एकजुट होकर राज्य के विकास में योगदान देने की अपील की और कहा कि सरकार किसान, महिला, युवा, आदिवासी समाज और आम नागरिकों के विकास के साथ आधुनिक अधोसंरचना और नई अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है।

