रायपुर। छत्तीसगढ़ में खेती-किसानी को अधिक मुनाफेदार, आधुनिक और सम्मानजनक बनाने के लिए राज्य सरकार बड़े कदम उठा रही है। राजधानी रायपुर में आयोजित ‘मुख्यमंत्री किसान संवाद’ कार्यक्रम में सीएम विष्णुदेव साय ने प्रदेशभर से आए किसानों से सीधे बातचीत की। खुद एक किसान पृष्ठभूमि से आने के कारण मुख्यमंत्री ने किसानों के संघर्ष और जरूरतों को साझा करते हुए कृषि क्षेत्र में आ रहे बड़े बदलावों पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज की खेती सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि एक आधुनिक उद्यम बन चुकी है। उन्होंने कृषि में नई तकनीकों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ड्रोन तकनीक, नैनो यूरिया (Nano Urea) और नैनो डीएपी (Nano DAP) के उपयोग से किसानों की लागत कम होगी और कम समय में बेहतर उत्पादन संभव हो सकेगा। इससे न केवल खेती वैज्ञानिक बनेगी, बल्कि ‘ड्रोन दीदियों’ के माध्यम से महिलाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खुल रहे हैं।

सीएम ने पर्यावरण और मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए जैविक और प्राकृतिक खेती अपनाने पर विशेष जोर दिया। इसके साथ ही, उन्होंने किसानों को पारंपरिक फसलों के अलावा अमरूद, ड्रैगन फ्रूट और पपीते जैसी बागवानी फसलों की ओर बढ़ने (फसल विविधीकरण) के लिए प्रेरित किया।
आगामी खरीफ सीजन को लेकर मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया कि राज्य में खाद और बीजों की कोई कमी नहीं है। सरकार कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त नजर रख रही है, इसलिए किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। उन्होंने युवाओं और किसानों से अपील की कि वे नई तकनीकों को अपनाने में संकोच न करें, क्योंकि नवाचार और वैज्ञानिक सोच ही किसानों की समृद्धि का असली आधार हैं।
