बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा अपने विदाई समारोह में भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि अदालतें केवल ईंट-पत्थर की इमारतें नहीं, बल्कि आम नागरिक की उम्मीद और न्याय का पवित्र मंदिर हैं। उन्होंने न्यायपालिका की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखने को लोकतंत्र की सबसे बड़ी जिम्मेदारी बताया। सेवानिवृत्ति के अवसर पर आयोजित समारोह में जस्टिस सिन्हा ने अपनी सफलता का श्रेय पत्नी शालिनी सिन्हा और परिवार को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार के सहयोग, त्याग और विश्वास ने हर चुनौती का सामना करने की ताकत दी।
गौरतलब है कि जस्टिस रमेश सिन्हा ने 29 मार्च 2023 को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदभार संभाला था। करीब साढ़े तीन साल के कार्यकाल के बाद 4 सितंबर 2026 को वे सेवानिवृत्त हुए। अपने कार्यकाल में उन्होंने 50,228 मामलों का निपटारा किया, जिनमें 369 से अधिक ऐसे फैसले शामिल रहे, जो भविष्य के मामलों के लिए महत्वपूर्ण नजीर बने। न्यायिक सुधार, समयबद्ध सुनवाई और संस्थागत पारदर्शिता को बढ़ावा देने में उनके योगदान को हाईकोर्ट के महत्वपूर्ण अध्यायों में गिना जा रहा है।
