रायपुर। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत गर्मा गई है। बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कांग्रेस और टीएमसी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि, विपक्ष ने इस बिल को “षड्यंत्रपूर्वक” रोकने की कोशिश की, जिससे देश की महिलाओं की उम्मीदों को ठेस पहुंची है। चंद्राकर ने कहा कि, यह केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में बड़ा कदम था, जिसे विपक्ष ने राजनीतिक कारणों से प्रभावित किया।
उन्होंने दावा किया कि, इस मुद्दे को लेकर अब भाजपा व्यापक जनजागरण अभियान चलाएगी, ताकि सच्चाई जनता तक पहुंचे और महिलाओं के अधिकारों की आवाज मजबूत हो। परिसीमन के मुद्दे पर भी उन्होंने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि, जनसंख्या संतुलन और निष्पक्ष प्रतिनिधित्व के लिए यह जरूरी प्रक्रिया है, लेकिन इसे भी राजनीति का विषय बना दिया गया है। वहीं, नक्सलवाद पर बोलते हुए चंद्राकर ने कांग्रेस की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि, पूर्ववर्ती सरकारों के “शोषण आधारित मॉडल” ने ही असंतोष को जन्म दिया, जिससे नक्सल गतिविधियां बढ़ीं। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि, केंद्र सरकार के प्रयासों से देश जल्द ही नक्सलवाद मुक्त होगा। वही चंद्राकर के बयान ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम और अन्य मुद्दों पर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
