चंद्र गोचर 2026: कन्या राशि में पहुंचे चंद्रमा, मेष-तुला-कुंभ वालों को रहना होगा सतर्क

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वैदिक ज्योतिष के अनुसार चंद्रमा मन, भावनाओं और मानसिक स्थिति को प्रभावित करने वाला प्रमुख ग्रह माना जाता है। चंद्रमा बहुत तेज गति से राशि बदलते हैं और करीब ढाई दिन में एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं। 18 जुलाई की रात 11:59 बजे चंद्रमा सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश कर चुके हैं।

कन्या राशि के स्वामी बुध हैं और ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार चंद्रमा और बुध के संबंधों के कारण यह गोचर कुछ राशियों के लिए मानसिक तनाव, आर्थिक उतार-चढ़ाव और पारिवारिक परेशानियां ला सकता है। खासतौर पर मेष, तुला और कुंभ राशि के जातकों को इस दौरान सावधानी से फैसले लेने की सलाह दी जा रही है।

मेष राशि: खर्च और विवाद से बचें:


मेष राशि वालों के लिए चंद्रमा छठे भाव में गोचर करेंगे। इस दौरान कर्ज, खर्च और विरोधियों से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं। परिवार या कार्यक्षेत्र में किसी से मतभेद होने की संभावना है। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचें और बातचीत में संयम रखें।

तुला राशि: धन संबंधी फैसलों में सतर्कता:


तुला राशि में चंद्रमा का गोचर बारहवें भाव में होगा। इस समय अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं। निवेश या उधार देने से पहले सोच-विचार करना बेहतर रहेगा। स्वास्थ्य में नींद और तनाव से जुड़ी समस्याओं पर ध्यान दें।

कुंभ राशि: जोखिम भरे फैसलों से बचें:


कुंभ राशि वालों के लिए यह गोचर आठवें भाव में रहेगा। अचानक खर्च, यात्रा में परेशानी या अनिश्चित परिस्थितियां सामने आ सकती हैं। निजी योजनाओं को गोपनीय रखना फायदेमंद रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस दौरान चंद्र मंत्र जाप, भगवान शिव की पूजा और हनुमान चालीसा का पाठ मानसिक शांति के लिए शुभ माना जाता है।