नई दिल्ली/चंडीगढ़। पंजाब की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। एआईसीसी के पंजाब प्रभारी सचिन पायलट के बयान पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने पलटवार करते हुए आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह जिले संगरूर में भी स्कूलों की स्थिति खराब है और राज्य की स्कूली शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है।आरपी सिंह ने कहा कि सचिन पायलट आम आदमी पार्टी सरकार पर कुछ रहम दिखा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के अपने जिले संगरूर में स्कूलों में शिक्षकों की कमी है।
भाजपा प्रवक्ता के मुताबिक, राज्य में करीब 55 हजार शिक्षक हैं, जबकि 18 हजार शिक्षकों की भर्ती अब तक नहीं हुई है। उन्होंने दावा किया कि 70 फीसदी स्कूलों में अध्यापकों की कमी है और इसके चलते स्कूली व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
चुनाव आयोग की प्रक्रिया की तारीफ
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े सवाल पर आरपी सिंह ने भारतीय चुनाव व्यवस्था की तारीफ की। उन्होंने कहा कि दुनिया भारत की चुनावी व्यवस्था की ताकत को मानती है। इतने बड़े स्तर पर चुनाव कराना और मतदाता सूची में नाम जुड़ने से लेकर मतगणना तक पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा करना बड़ी उपलब्धि है।
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हरीश रावत के करीबी के घर ED की कार्रवाई पर बयान
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के करीबी के घर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को लेकर भी आरपी सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि संबंधित व्यक्ति के निजी सहायक के घर से 32 लाख रुपये नकद और सोना मिला है।आरपी सिंह ने कहा कि निजी सहायक की आय के हिसाब से इतनी संपत्ति और सोना होने पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि बरामद या संदिग्ध संपत्ति किसके नाम पर खरीदी गई है।
जगन मोहन रेड्डी मामले पर बोले- कानून के मुताबिक कार्रवाई हो
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी से जुड़े मामले पर आरपी सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की सरकार कानून के मुताबिक कार्रवाई कर रही है।उन्होंने कहा कि यदि जगन मोहन रेड्डी को लगता है कि कार्रवाई कानून के अनुसार नहीं हो रही है, तो वह अदालत का रुख कर सकते हैं। दरअसल, 2024 में सत्ता परिवर्तन के बाद चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली आंध्र प्रदेश सरकार ने पिछली वाईएसआरसीपी सरकार के कार्यकाल में हुई कथित अनियमितताओं की जांच तेज की है।
