सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान रुद्राक्ष धारण करना बेहद शुभ माना जाता है क्योंकि रुद्राक्ष को भगवान शिव का स्वरूप और उनके आंसुओं से उत्पन्न माना गया है। कहा जाता है कि विधि-विधान से रुद्राक्ष पहनने पर जीवन की नकारात्मकता दूर होती है और सुख-समृद्धि का मार्ग खुलता है।
ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, रुद्राक्ष के 21 प्रकार होते हैं और प्रत्येक का अपना अलग महत्व है। इनमें एकमुखी रुद्राक्ष को सबसे प्रभावशाली माना जाता है। रुद्राक्ष धारण करने के लिए सोमवार का दिन सबसे शुभ माना गया है। सुबह स्नान के बाद रुद्राक्ष को गंगाजल से शुद्ध करें और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का कम से कम 11 बार जाप करने के बाद ही इसे गले या हाथ में धारण करें।
रुद्राक्ष पहनने के दौरान कुछ नियमों का पालन भी जरूरी माना गया है। इसे सोते समय और स्नान से पहले उतार देना चाहिए। किसी दूसरे व्यक्ति का रुद्राक्ष नहीं पहनना चाहिए और अपना रुद्राक्ष भी किसी को नहीं देना चाहिए। साथ ही, मांस, मदिरा और अनैतिक कार्यों से दूर रहकर सात्विक जीवन अपनाने से रुद्राक्ष धारण का पूर्ण आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होने की मान्यता है।

