नई दिल्ली। भारतीय कबड्डी खिलाड़ियों की एक नई पीढ़ी आइची-नागोया में एशियन गेम्स के मंच पर जबरदस्त प्रदर्शन करने के लिए तैयार है। इस टीम में देवांक दलाल भी शामिल हैं, जो अपने पहले बड़े अंतरराष्ट्रीय मल्टी-स्पोर्ट इवेंट में हिस्सा लेने जा रहे हैं।23 साल के देवांक भारतीय पुरुष टीम के सदस्य के तौर पर एशियाई खेलों में कबड्डी में अपना डेब्यू करेंगे। भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत 21 सितंबर को मेजबान जापान के खिलाफ मुकाबले से करेगी। देवांक दलाल के लिए टीम का हिस्सा बनने से जिम्मेदारी का एहसास तो बढ़ा गया है, लेकिन उनका कहना है कि इससे कोई अतिरिक्त दबाव नहीं आया है।
दलाल ने कहा, “मैं पहली बार एशियन गेम्स में हिस्सा ले रहा हूं। मैं अपने, अपने परिवार और अपने कोच के लिए खुश हूं। मैं सभी के लिए खुश हूं। अब जब मैं जा रहा हूं तो मेरी जिम्मेदारियाँ बढ़ गई हैं। मुझे भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतना होगा। अगर भारत ने मुझे चुना है, तो मुझे यह करना ही होगा। आपको दबाव महसूस करने जरूरत नहीं है। दबाव और जिम्मेदारी दो अलग-अलग चीजें हैं। यहां सिर्फ जिम्मेदारी है, दबाव नहीं। हम दबाव जैसी चीज में भरोसा नहीं करते। अगर आप दबाव लेंगे, तो आप खेल नहीं पाएंगे। अगर आप खेलेंगे नहीं, तो भारत कैसे जीतेगा? हम बिना दबाव के खेलेंगे और जीतेंगे।”
हालांकि देवांक दलाल पहली बार एशियन गेम्स में हिस्सा लेंगे, लेकिन उनके आस-पास अनुभवी खिलाड़ी होंगे।हांगझोऊ 2023 में मेंस कबड्डी में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे असलम इनामदार का मानना है कि टीम के खिलाड़ियों के बीच आपसी तालमेल और जान-पहचान से नए खिलाड़ियों को प्रतियोगिता से पहले टीम में घुलने-मिलने में मदद मिली है। इनामदार ने कहा, “टीम के साथ बहुत अच्छी बॉन्डिंग है। पीकेएल (प्रो कबड्डी) में हमारा अनुभव बहुत शानदार रहा है। उन्होंने पीकेएल में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। भारतीय टीम के साथ भी अच्छा मेलजोल है।”
चिखली पुलिस की अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई, तीन आरोपी गिरफ्तार
इनामदार ने अयान, अंकित और राहुल जैसे युवा खिलाड़ियों के बारे में भी बात की, जिन्हें घरेलू स्तर पर तो काफी अनुभव है, लेकिन अब उन्हें इंटरनेशनल लेवल के कॉम्पिटिशन की जरूरतों के हिसाब से खुद को ढालना होगा।असलम इनामदार ने कहा, “उन्हें पीकेएल और नेशनल लेवल पर खेलने का काफी अनुभव है। लेकिन इंटरनेशनल मैच थोड़ा अलग होता है। इसलिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना बहुत जरूरी है। उन्हें बिना किसी दबाव के खेलने के लिए कहा गया है। देश का प्रतिनिधित्व करने पर गर्व महसूस करें और स्वर्ण पदक के लिए प्रतिस्पर्धा करें।”
कप्तान सुनील कुमार नए खिलाड़ियों के लिए अनुभव लेकर आएंगे। उनका मानना है कि एशियन गेम्स 2026 से पहले भारत ने जो तैयारी की है। उससे टीम इस चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है, न कि इस वजह से उन पर कोई भार है। सुनील ने कहा, “भारत का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए ही नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के लिए गर्व की बात है जिन्होंने मुझे यहां तक पहुंचने में मदद की है। मेरे टीचर, मेरा परिवार और मेरे बड़े भाई। इस बार मैं कप्तान भी हूं, इसलिए मेरी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। लेकिन जब कोई टीम हमारी तरह तैयारी करती है, तो दबाव महसूस नहीं होता। बस तैयार होने का एहसास होता है।”
भारत को ग्रुप ए में रखा गया है और उनका सामना 21 सितंबर को जापान, 22 सितंबर को रिपब्लिक ऑफ कोरिया, 23 सितंबर को बांग्लादेश और 24 सितंबर को चीनी ताइपे से होगा। सेमीफाइनल 25 सितंबर को खेले जाएंगे और उसके बाद 26 सितंबर को गोल्ड मेडल मैच होगा।
