नई दिल्ली। आज के दौर में गले, कलाई या पैर में काला धागा पहनना एक आम चलन बन चुका है। धार्मिक दृष्टि से इसे बुरी नज़र से बचाने और शनि देव के अशुभ प्रभाव को कम करने का अचूक उपाय माना जाता है, लेकिन शास्त्रों के अनुसार इसे बिना नियम पहने नुकसान भी हो सकता है। काला धागा धारण करने के लिए शनिवार और मंगलवार का दिन सबसे शुभ होता है।
इसे पहनने की सही विधि यह है कि धागे में पहले 9 गांठें लगाएं और 21 बार शनि मंत्र का जाप करके ही धारण करें। ध्यान रहे कि जिस अंग में काला धागा बंधा हो, वहां किसी अन्य रंग का धागा बिल्कुल न बांधें। पेट संबंधी समस्याओं से राहत के लिए पैर के अंगूठे में इसे बांधना फायदेमंद माना जाता है। यदि बार-बार बीमार पड़ने से इम्यूनिटी कमजोर हो रही हो, तो शनिवार के दिन काले धागे पर हनुमान जी के चरणों का सिंदूर लगाकर गले में पहनें। इसके अलावा, घर के मुख्य द्वार पर नींबू के साथ काला धागा बांधने से नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है।

