बढ़ती गर्मी में फ्रिज का ठंडा पानी पीने से पहले जान लें प्लास्टिक और कांच की बोतलों से जुड़े ये चौंकाने वाले सच

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नई दिल्ली। गर्मियों के मौसम में फ्रिज का ठंडा पानी हर किसी को राहत देता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि, आप पानी किस बोतल में रख रहे हैं, इसका सीधा असर आपकी सेहत पर पड़ता है? अमूमन घरों में पानी स्टोर करने के लिए प्लास्टिक या कांच की बोतलों का इस्तेमाल होता है, जिसे लेकर अक्सर बहस छिड़ी रहती है। अगर स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिहाज से देखा जाए, तो फ्रिज में पानी रखने के लिए कांच की बोतल को प्लास्टिक के मुकाबले कहीं ज्यादा बेहतर और सुरक्षित माना गया है।

बाजार में मिलने वाली ज्यादातर सस्ती प्लास्टिक बोतलों में ‘बिस्फेनॉल-ए’ (BPA) जैसे हानिकारक रसायन और माइक्रोप्लास्टिक (प्लास्टिक के बेहद महीन कण) होते हैं। फ्रिज के ठंडे तापमान में भी ये रसायन धीरे-धीरे पानी में घुलने लगते हैं, जो शरीर में जाकर गंभीर बीमारियां पैदा कर सकते हैं। इसके विपरीत, कांच एक प्राकृतिक और गैर-प्रतिक्रियाशील (Non-reactive) सामग्री है। कांच की बोतल में पानी रखने से न तो उसमें कोई केमिकल घुलता है और न ही पानी के स्वाद में कोई बदलाव आता है। इसमें रखा पानी लंबे समय तक बिल्कुल ताजा और शुद्ध बना रहता है।

सेहत के अलावा पर्यावरण के नजरिए से भी कांच की बोतलें सर्वोत्कृष्ट हैं। प्लास्टिक जहां सदियों तक नष्ट न होकर प्रदूषण फैलाता है, वहीं कांच की बोतलों को रीसायकल करके सालों-साल दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, कांच की बोतलों के साथ टूटने का डर और भारीपन जैसी चुनौतियां जरूर हैं, लेकिन अगर थोड़ी सावधानी बरती जाए तो यह आपकी सेहत और प्रकृति दोनों के लिए सबसे बेस्ट विकल्प है। यदि आप सफर या ऑफिस के लिए प्लास्टिक चुनते भी हैं, तो हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाली ‘BPA-फ्री’ बोतलों का ही इस्तेमाल करें।