बीजापुर। बीजापुर जिले के दुर्गम क्षेत्र में बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण एवं शिक्षा के लिए समर्पित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चंदना तिपनपल्ली ने अपनी सेवाभावना से पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। उनके उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए उन्हें स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। नीति आयोग की बासागुड़ा परियोजना के तहत सेक्टर धर्मारम स्थित आंगनबाड़ी केंद्र धर्मारम-1 में कार्यरत चंदना 15 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष कार्यक्रम में शामिल हुईं। छत्तीसगढ़ से एकमात्र आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में उनका चयन होना प्रदेश के लिए गौरव की बात रही। दुर्गम क्षेत्र में रहकर बच्चों के पोषण, महिलाओं के स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा के लिए किए गए उनके कार्यों को इस सम्मान के जरिए राष्ट्रीय पहचान मिली।
पंडरी पुलिस ने 8 घंटे में सुलझाई चोरी की गुत्थी, आरोपी गिरफ्तार, 7 हजार रुपये बरामद
सम्मान समारोह के अगले दिन 16 अगस्त को चंदना को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के साथ लंच करने का अवसर भी मिला। देश के शीर्ष नेतृत्व के साथ बिताया गया यह समय उनके लिए बेहद खास और यादगार रहा। उनके सेवाभावी कार्यों के लिए मिला यह सम्मान इस अवसर को और भी विशेष बना गया।कार्यक्रम के दौरान 17 अगस्त को चंदना को दिल्ली के प्रमुख ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया गया। इसके बाद 18 अगस्त को उन्होंने ट्रेन से दिल्ली से वापसी की और 20 अगस्त को सकुशल बीजापुर पहुंचीं।
चंदना ने बासागुड़ा परियोजना के दुर्गम क्षेत्रों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में लंबे समय से समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाई हैं। बच्चों के पोषण, महिलाओं के स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा और शासन की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके इसी समर्पण और जमीनी स्तर पर किए गए कार्यों ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान दिलाई।
चंदना तिपनपल्ली की यह उपलब्धि बीजापुर जिले के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। उनकी कहानी अन्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए भी प्रेरणा है कि समर्पण और ईमानदारी से किया गया जमीनी कार्य देश के सर्वोच्च मंच तक पहचान बना सकता है।
