विशाखापट्टनम। आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में स्थित कुर्मा ग्रामम अपनी अनोखी जीवनशैली के कारण लोगों का ध्यान खींच रहा है। आधुनिक सुविधाओं से दूर यह गांव ऐसा अनुभव कराता है, जैसे समय कई दशक पीछे लौट गया हो। यहां बिजली, मोबाइल टावर और टीवी जैसी सुविधाएं नहीं हैं। पूरे गांव के लिए केवल एक लैंडलाइन फोन का इस्तेमाल किया जाता है।
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बताया जाता है कि 2018 में इस गांव को वैदिक जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बसाया गया था। इसका नाम प्रसिद्ध श्रीकूर्मम मंदिर से जुड़ा है, जहां भगवान विष्णु के कूर्म अवतार की पूजा होती है। वर्तमान में गांव में करीब 17 परिवारों के 85 लोग रहते हैं। यहां मिट्टी और प्राकृतिक सामग्री से बने पारंपरिक घर हैं।
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ग्रामीण सुबह जल्दी उठकर पूजा-पाठ, खेती और गो-सेवा जैसे कार्यों में जुट जाते हैं। बच्चे गुरुकुल में संस्कृत, वेद और वैदिक गणित की शिक्षा लेते हैं। करीब 60 एकड़ भूमि पर खेती कर ग्रामीण अनाज और सब्जियां उगाते हैं। सप्ताहांत में बड़ी संख्या में पर्यटक यहां की सादगी और पारंपरिक जीवनशैली को देखने पहुंचते हैं। कुर्मा ग्रामम आधुनिकता से अलग जीवन का अनोखा अनुभव देता है।

