आइशी घोष को कोर्ट से राहत: गैर-जमानती वारंट पर लगी रोक, बंगा भवन केस में मिली बड़ी राहत

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नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और सीपीआई(एम) नेता आइशी घोष को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट (NBW) पर रोक लगा दी है। यह वारंट बंगा भवन विरोध प्रदर्शन से जुड़े एक मामले में अदालत की कार्यवाही में शामिल नहीं होने के कारण जारी किया गया था।

पटियाला हाउस कोर्ट की ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास विजयश्री राठौर ने आइशी घोष के खिलाफ जारी वारंट पर रोक लगाने का आदेश दिया। यह मामला साल 2021 के एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसमें उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 188, 34 और 447 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

मामले ने उस समय राजनीतिक तूल पकड़ लिया था, जब 28 जुलाई को दिल्ली पुलिस आइशी घोष की गिरफ्तारी के लिए सीपीआई(एम) कार्यालय पहुंची थी। इस मुद्दे को राज्यसभा में भी उठाया गया, जहां सीपीआई(एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। इसके बाद सदन में हंगामा हुआ और कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी। वहीं, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि दिल्ली पुलिस कानून के अनुसार अपनी कार्रवाई कर रही है और इस मामले को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। फिलहाल कोर्ट के आदेश के बाद आइशी घोष को राहत मिली है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।