- प्रदेश में उर्वरकों का सुचारू प्रबंधनः संतुलित पोषक तत्व उपयोग पर सरकार का जोर
रायपुर । पश्चिम एशिया में जारी युद्ध संकट और अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के कारण प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों (ईंधन) और कृषि उर्वरकों (खाद) की पर्याप्त आपूर्ति का दावा किया जा रहा है। राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी और देश की प्रमुख तेल व गैस कंपनियों के प्रतिनिधि संयुक्त रूप से सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति संचालक डॉ. फरिहा आलम सिद्दीकी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा खरीफ वर्ष 2026 के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, साथ ही मिट्टी की सेहत सुधारने हेतु ‘एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन’ पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस वर्ष खरीफ फसल के लिए 15.55 लाख टन उर्वरक मांग का आकलन किया गया है तथा 17 अप्रैल तक 8.72 लाख टन लगभग 56 प्रतिशत का भंडारण करा लिया गया है। प्रदेश की सहकारी समितियों से ऋण लेकर खेती करने वाले किसानों को प्राथमिकता से उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए सहकारी क्षेत्र में 4.83 लाख टन का भंडारण करा लिया गया है।इसके लिए विभाग द्वारा नई ऑनलाइन व्यवस्था पर काम किया जा रहा है। इस नई प्रणाली में एकीकृत किसान पोर्टल, राजस्व विभाग का भूईयाँ पोर्टल और एग्रीस्टैक पोर्टल को इंटीग्रेट किया जाएगा। यूरिया और डीएपी के विकल्प के रूप में नैनो उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है ताकि न्यूनतम कास्त लागत पर प्रति इकाई अधिकतम उत्पादन सुनिश्चित किया जा सके। मैदानी अमले के द्वारा नैनो उर्वरक के प्रभावी उपयोग के संबंध में कृषकों को प्रशिक्षण एवं समझाइश दी जा रही है। प्रदेश में उर्वरकों के अवैध भंडारण, अधिक मूल्य पर विक्रय तथा समस्त अन्य गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु उड़नदस्ता तथा निरीक्षकों की नियुक्ति संबंधी निर्देश भी सभी कलेक्टरों को जारी किए जा चुके हैं।
एलपीजी, पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता की साप्ताहिक समीक्षा निरंतर जारी
प्रमुख तेल व गैस कंपनियों के पदाधिकारी ने बताया कि पश्चिम एशिया संकट प्रारंभ होने के उपरांत राज्य शासन द्वारा प्रदेश की ईंधन संबंधी आवश्यकताओं की सुगम आपूर्ति हेतु पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारत सरकार के नियमित संपर्क में हैं। एलपीजी, पेट्रोल एवं डीजल की राज्यों में उपलब्धता, नियमित आपूर्ति की साप्ताहिक समीक्षा नियमित रूप से की जा रही है। देश में एलपीजी, पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा आम उपभोक्ताओं में इसे लेकर कोई भ्रम अथवा अफवाह की स्थिति नहीं होनी चाहिए। प्रदेश में 63.59 लाख घरेलू एलपीजी उपभोक्ता हैं तथा इन्हें वितरित करने हेतु माह मार्च 2026 में एवं वर्तमान माह अप्रैल में घरेलू एलपीजी की मांग अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। माह मार्च में 35,000 टन घरेलू एलपीजी की आवश्यकता के विरूद्ध 35,073 टन (100%) एवं वर्तमान माह अप्रैल में 19 अप्रैल तक 20.619 टन घरेलू एलपीजी राज्य को प्राप्त हुई है तथा राज्य के सभी 4 एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। माह मार्च के दूसरे सप्ताह में भ्रम एवं अफवाह के कारण औसत दैनिक बुकिंग संख्या 74,000 से बढ़कर 1,30,000 तक हो गई थी, जो वर्तमान में घटकर औसतन 64,000 हो गई है। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश में घरेलू एलपीजी की मांग अनुसार आपूर्ति होने से असामान्य बुकिंग में कमी आई है तथा वर्तमान माह अप्रैल में यह सामान्य स्तर पर आ गई है।इस दौरान शहला निगार प्रमुख सचिव कृषि विभाग, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और गेल इंडिया लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
