नई दिल्ली। देश के पावर सेक्टर में एक बहुत बड़ा कॉर्पोरेट सौदा हुआ है। अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (AESL) ने स्मार्ट मीटर बनाने और लगाने वाली देश की प्रमुख कंपनी ‘इंटेलिस्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर’ का रु.3,050 करोड़ में पूरी तरह (100% हिस्सेदारी) अधिग्रहण कर लिया है। इस मेगा डील के साथ ही अडाणी एनर्जी भारत की सबसे बड़ी स्मार्ट मीटरिंग कंपनी बनकर उभरी है। इंटेलिस्मार्ट फिलहाल उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार और असम जैसे राज्यों में सक्रिय है और इसके पास 2.2 करोड़ से ज्यादा स्मार्ट मीटर का मजबूत पोर्टफोलियो है। यह कंपनी नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) और एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) का एक संयुक्त उपक्रम है।
इस अधिग्रहण से पहले अडाणी एनर्जी के पास पहले से ही 2.46 करोड़ स्मार्ट मीटर का ऑर्डर बुक था। अब इंटेलिस्मार्ट के जुड़ने के बाद अडाणी का कुल पोर्टफोलियो 4.7 करोड़ से अधिक स्मार्ट मीटर का हो गया है, जो पूरे बाजार में सबसे बड़ा है। इस सौदे के तहत अडाणी एनर्जी कंपनी की हिस्सेदारी खरीदने के साथ-साथ एनआईआईएफ का बकाया कर्ज भी चुकाएगी।
अडाणी एनर्जी के सीईओ कंदर्प पटेल ने बताया कि, इस रणनीतिक फैसले से बड़े पैमाने पर काम होने के कारण लागत घटेगी और कार्यक्षमता बढ़ेगी। इसका सीधा फायदा आम उपभोक्ताओं को मिलेगा, क्योंकि स्मार्ट मीटर रियल-टाइम में बिजली की खपत दिखाते हैं, जिससे गलत बिलिंग की समस्या खत्म होगी और पारदर्शिता आएगी। केंद्र सरकार भी बिजली घाटे को कम करने और चोरी रोकने के लिए देशभर में स्मार्ट मीटर योजना को तेजी से बढ़ावा दे रही है, जिसमें अब अडाणी समूह की पकड़ सबसे मजबूत हो गई है।
