Periods Health Alert: पीरियड्स के दौरान इन चीजों से करें परहेज, एक्सपर्ट्स ने दी जरूरी सलाह

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नई दिल्ली। पीरियड्स के दौरान महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिनका असर मूड, एनर्जी लेवल और पाचन तंत्र पर पड़ता है। इस समय पेट दर्द, ऐंठन, थकान, सिरदर्द और चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएं आम होती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सही खानपान और लाइफस्टाइल अपनाकर इन परेशानियों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पीरियड्स के दौरान अधिक तैलीय, मसालेदार और जंक फूड खाने से बचना चाहिए। ऐसे खाद्य पदार्थ पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं, जिससे गैस, ब्लोटिंग और पेट दर्द की समस्या बढ़ सकती है। वहीं प्रोसेस्ड फूड में मौजूद अधिक नमक शरीर में पानी रुकने की समस्या को बढ़ा सकता है। कॉफी, एनर्जी ड्रिंक और अन्य कैफीन युक्त पेय पदार्थों का ज्यादा सेवन भी नुकसानदायक माना जाता है। इससे नींद प्रभावित हो सकती है और ऐंठन या मूड स्विंग्स बढ़ सकते हैं। इसी तरह अत्यधिक मीठे खाद्य पदार्थ ब्लड शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव पैदा कर थकान और चिड़चिड़ापन बढ़ा सकते हैं।

डॉक्टरों के अनुसार, बहुत ठंडे पेय पदार्थ और आइसक्रीम का अधिक सेवन भी कुछ महिलाओं में पीरियड्स क्रैम्प्स को बढ़ा सकता है। हालांकि इसका प्रभाव हर व्यक्ति पर अलग-अलग हो सकता है, लेकिन संतुलित और हल्का भोजन इस दौरान अधिक फायदेमंद माना जाता है। पीरियड्स के दौरान हरी सब्जियां, ताजे फल, पर्याप्त पानी और आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करना चाहिए। पालक, केला, अनार, दालें और ड्राई फ्रूट्स शरीर को जरूरी पोषण देने के साथ कमजोरी को कम करने में मदद करते हैं। गर्म पानी और हर्बल टी का सेवन भी राहत पहुंचा सकता है। इसके अलावा हल्की फिजिकल एक्टिविटी जैसे वॉकिंग, स्ट्रेचिंग और योग शरीर को रिलैक्स रखने में मदद करते हैं। नियमित गतिविधि से दर्द कम हो सकता है और मूड भी बेहतर रहता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि हर महिला का शरीर अलग होता है, इसलिए खानपान और आदतों का असर भी अलग-अलग हो सकता है। ऐसे में अपने शरीर की जरूरतों को समझते हुए संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना सबसे बेहतर उपाय है।