डोंगरगढ़। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले की धर्मनगरी डोंगरगढ़ में फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर कथित करोड़ों-अरबों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। देश के कई राज्यों से पहुंचे 100 से अधिक निवेशकों ने रेलवे चौक स्थित वैसलियन चर्च के पास एक मकान के बाहर एकत्र होकर विरोध जताया और मामले में कार्रवाई की मांग की। निवेशकों का आरोप है कि ‘लॉन्ग एशिया’ नामक फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए उन्हें भारी मुनाफे का लालच देकर निवेश कराया गया। उनका दावा है कि शुरुआत में समय पर रिटर्न मिलने से लोगों का भरोसा बढ़ा और बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी जमा पूंजी, बैंक से निकाली गई रकम और कर्ज लेकर भी पैसा निवेश कर दिया।
निवेशकों के अनुसार, फरवरी 2026 से प्लेटफॉर्म पर अचानक तकनीकी समस्या का हवाला देकर निकासी बंद कर दी गई। इसके बाद लोगों का पैसा फंस गया और भुगतान मिलना बंद हो गया। पीड़ितों का आरोप है कि इस नेटवर्क से जुड़े लोगों ने देशभर के बड़ी संख्या में निवेशकों को प्रभावित किया है और फंसी रकम अरबों रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि, इन दावों की अभी पुलिस या किसी सरकारी एजेंसी की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मामले से जुड़े बताए जा रहे एक व्यक्ति के घर का घेराव करने के लिए पहुंचे निवेशकों के कारण मौके पर भीड़ जुट गई और कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। स्थिति को देखते हुए पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाइश देकर शांत कराया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से कानून के अनुसार कार्रवाई करने की अपील की।
पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा, हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश समेत करीब 10 राज्यों से आए निवेशकों ने बताया कि उन्हें ऑनलाइन जूम मीटिंग, सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश के लिए जोड़ा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें कम समय में ज्यादा मुनाफे का भरोसा दिलाया गया था। इसके बाद सभी निवेशक डोंगरगढ़ थाने पहुंचे और थाना प्रभारी भूषण चंद्राकर से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी। थाना प्रभारी ने बताया कि कई लोगों ने ऑनलाइन ठगी की शिकायत मौखिक रूप से दी है, लेकिन अभी तक थाने में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने के बाद नियमानुसार जांच और कार्रवाई की जाएगी।
नागपुर से पहुंचे निवेशक रविशंकर बाघ ने आरोप लगाया कि कुलजीत सिंह भाटिया, जोगेंद्र वर्मा और अभय कुनले सहित कुछ लोगों ने फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर निवेश कराया। उन्होंने कहा कि प्रभावित निवेशक राजनांदगांव पुलिस अधीक्षक और रेंज आईजी से मिलकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग करेंगे। फिलहाल आरोपी पक्ष की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है। पुलिस ने भी लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं की है। मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। ‘लॉन्ग एशिया’ खुद को ऑनलाइन फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म बताता है, जहां विदेशी मुद्रा और अन्य वित्तीय उत्पादों में निवेश का दावा किया जाता है। भारत में फॉरेक्स ट्रेडिंग के लिए अधिकृत संस्थाओं और नियामकीय नियमों का पालन जरूरी है। ऐसे मामलों में निवेशकों को किसी भी प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता और नियामकीय स्थिति की जांच करने की सलाह दी जाती है।
