26 किसानों का जमीन हथिया कर सूदखोर राजपूत परिवार ने बंगाल की कंपनी को बेचा

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सिमगा। 26 किसानों का जमीन हथिया कर सूदखोर परदेसिया राजपूत परिवार ने बंगाल की कंपनी को बेच दिया है। जिसका विरोध करने उतरे पीड़ित किसानों को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। पूरा मामला ग्राम पंचायत दरचुरा तहसील सिमगा जिला बलौदाबाजार भाटापारा का है। दरअसल छत्तीसगढ़ के किसानों को वर्ष 1980-81 में भूमिहीन किसानों को भूदान योजना के अनुसार 26 किसानों को भूमि आबंटित किया गया था। जिसे सूदखोर परदेसिया रामजन सिंह राजपूत पिता रामलखान सिंह राजपूत और शशि प्रभा सिंह राजपूत पति राणा प्रताप सिंह राजपूत द्वारा कूटरचना कर छळपूर्वक दस्तावेज तैयार कर किसानों को झांसा दिया कि उक्त जमीन को उन्नत खेती करने लायक बना देंगे।

इतना ही नहीं किसानों से पट्टा और किसान किताब पर्ची अपने पास रखकर अपने नाम फर्जी रजिस्ट्री और नामांतरण करवा लिया। जिसका विरोध करने पर किसानों को जान से मारने और झूठे केस में फंसाने की धमकी दिया गया। पटवारी कार्यालय जाकर पता लगाने से पता चला कि उक्त समस्त भूमि को वर्ष 2022-2023 में निसर्ग इस्पात प्राइवेट लिमिटेड कंपनी डायरेक्टर अंशुमान गुप्ता पिता गोपाल कृष्ण गुप्ता पता पश्चिम बंगाल दार्जलिंग हाल मुकाम मोहन कैंपस, कांपा, मोवा रायपुर को बेच दिया गया है।

जिसकी शिकायत राजस्व विभाग के सभी अधिकारी, मंत्री, मानव अधिकार आयोग रायपुर, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग नई दिल्ली में स्व दुकालू टंडन द्वारा किया गया था। जिसके उपरांत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सिमगा द्वारा प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। किंतु निसर्ग इस्पात प्राइवेट लिमिटेड कंपनी कथित कब्जा और निर्माण कार्य कर रहा है। जिसमें उक्त समस्त भूमि पर सीमेंट का बाउंड्री वॉल बना रहा है। जिससे किसानों एवं ग्रामवासियों के अधिकार प्रभावित हो रहा है। सभी पीड़ितों ने जनता से रिश्ता के माध्यम से शासन से रोक लगाने की गुहार लगाई है

बता दें कि सूदखोर परदेशिया शशिप्रभा सिंह राजपूत पति राणा प्रताप सिंह राजपूत और रामजन सिंह राजपूत पिता रामलखन सिंह राजपूत हाल में फरिश्ता कॉम्प्लेक्स रायपुर में निवास रत है।